Petrol Shortage India: होर्मुज को लेकर पेट्रोल-डीजल की कमी? BPCL ने अफवाहों पर लगाई ब्रेक, कहा-पर्याप्त ईंधन
Petrol Diesel Shortage Rumors India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें तेजी से फैल रही हैं। पिछले कुछ दिनों से वॉट्सऐप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने या प्रभावित होने से भारत में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी होने वाली है।
मैसेज में लोगों को तुरंत अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने की सलाह दी जा रही है। इन अफवाहों के चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई। हालांकि, भारत पेट्रोलियम (BPCL) और भारत सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए नागरिकों से शांत रहने की अपील की है।

इस पर संज्ञान लेते हुए भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है और किसी भी वैश्विक संकट से निपटने के लिए देश तैयार है।
BPCL Official Statement Fuel Supply: BPCL की कड़ी चेतावनी-अफवाहों पर ध्यान न दें
भारत पेट्रोलियम ने अपने आधिकारिक हैंडल से सूचना साझा करते हुए कहा, होर्मुज स्ट्रेट के कारण पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें भ्रामक हैं। भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है और किसी भी अल्पकालिक वैश्विक व्यवधान का सामना करने की पूरी व्यवस्था है। कृपया पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
भारत की 'ईंधन सुरक्षा' के अभेद्य कवच 8 हफ़्तों का बैकअप
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने किसी भी आपात स्थिति के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। भारत के पास वर्तमान में लगभग 8 सप्ताह (56 दिन) का कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार उपलब्ध है। इसमें देश के 'स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' (SPR) भी शामिल हैं।
भारत अब केवल होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर नहीं है। केवल 40% कच्चा तेल ही इस मार्ग से आता है, जबकि शेष 60% तेल रूस, अमेरिका और अन्य सुरक्षित समुद्री मार्गों से मंगाया जा रहा है। हाल ही में अमेरिका ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट (Waiver) दी है, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई और बढ़ेगी।
What Is Strait of Hormuz Oil Disruption: क्या है होर्मुज स्ट्रेट का विवाद और भारत का रुख
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच एक छोटा सा समुद्री रास्ता है, जहाां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की खबरें आई थीं। भारत सरकार लगातार वैश्विक बाजार पर नजर बनाए हुए है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे घरेलू खपत को प्राथमिकता दें। एलपीजी (LPG) का पर्याप्त स्टॉक है हमारे पास। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रसोई गैस की भी कोई कमी नहीं है और जनवरी से ही अमेरिका से एलपीजी की खेप भारत पहुंचने लगी है।
अफवाहों को लेकर नागरिकों से अपील
पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ने से वितरण व्यवस्था पर दबाव पड़ता है, जो कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा कर सकता है। कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी तरह की अपुष्ट खबरों पर भरोसा करना उचित नहीं है।
ऐसी अफवाहें केवल अनावश्यक चिंता और अव्यवस्था पैदा करती हैं। BPCL ने लोगों से अपील की है कि वे जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें, अफवाहों को आगे न बढ़ाएं और ईंधन स्टेशनों पर बिना जरूरत भीड़ लगाने से बचें।
अगर किसी भी तरह की जानकारी या पुष्टि की आवश्यकता हो, तो नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों से संपर्क करने की सलाह दी गई है। पेट्रोलियम कंपनियों- IOCL, BPCL और HPCL ने साझा तौर पर कहा है कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह सामान्य है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी असत्यापित मैसेज को आगे न बढ़ाएं।












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