पाकिस्तान में महाराजा रंजीत सिंह की मूर्ति तोड़े जाने पर पाकिस्तानी उच्चायोग के सामने बीजेपी का विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान में महाराजा रंजीत सिंह की मूर्ति तोड़े जाने के खिलाफ आज दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सामने भाजपा कि दिल्ली इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली, 18 अगस्त। पाकिस्तान में महाराजा रंजीत सिंह की मूर्ति तोड़े जाने के खिलाफ आज दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सामने भाजपा कि दिल्ली इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर दिल्ली बीजेपी के प्रमुख आदेश गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों ने लाहौर में महाराजा रंजीत सिंह की मूर्ति तोड़ी है उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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जेपी नड्डा ने भी की निंदा
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी महाराजा रंजीत सिंह की प्रतिमा तोड़े जाने की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में लगातार महाराजा रंजीत सिंह की प्रतिमा को तोड़ा जाना अत्यंत निंदनीय है। पाकिस्तान को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। नड्डा ने कहा कि हिंदुओं और सिखों की रक्षा करने में पाकिस्तान का रिकॉर्ड वैसे भी बेहद निराशाजनक है। हम मांग करते हैं कि इस जघन्य हमले के दोषियों को सजा दी जाए और प्रतिमा को उसके पूरे गौरव और सम्मान के साथ दोबारा बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी आत्ममंथन करना चाहिए कि ऐसे तत्व वहां खुलेआम क्यों घूमते हैं और सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करते हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि एक राष्ट्र जो विभिन्न धर्मों से संबंधित लोगों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता, उससे शायद ही मानवीय मूल्यों पर खरा उतरने की उम्मीद की जा सकती है।
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तीसरी बार तोड़ी गई महाराजा रंजीत सिंह की प्रतिमा
गौरतलब है कि महाराजा रंजीत सिंह 19वीं सदी के सिख राजा थे। यह तीसरी बार है जब लाहौर में महाराजा रंजीत सिंह की प्रतिमा तोड़ी गई है। एक कट्टरपंथी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के एक सदस्य ने लाहौर किले में रणजीत सिंह की प्रतिमा को तोड़ा है। इससे पहले दो बार रंजीत सिंह की मूर्ति को तोड़ा जा चुका है। इस मूर्ति का अनावर जून 2019 में लाहौर में 'माई जिंदा' हवेली में किया गया था। इससे पहले अगस्त 2019 में कट्टरपंथी इस्लामवादियों द्वारा मूर्ति को तोड़ा गया था और उसके बाद फिर से पिछले साल दिसंबर में मूर्ति को तोड़ा गया।












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