ओडिशा में सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने की इस योजना की शुरुआत
Odisha News: 'विकसित ओडिशा फॉर विकसित भारत' ओडिशा सरकार का नया विकास मंत्र है जहां ग्रामीण विकास को निरंतर महत्व दिया जा रहा है। ओडिशा सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बनाई जा रही 'ब्रिज-सह-बांध' परियोजनाएं उस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण कनेक्टिविटी भी मजबूत हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका में सुधार हो रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ओडिशा के विभिन्न इलाकों में शुरू किए गए 'ब्रिज-सह-बांध' परियोजना राज्य के समावेशी विकास में लाभकारी साबित हो रही हैं। इनमें से विभाग द्वारा जून 2024 से नवंबर 2024 तक 18 'ब्रिज-सह-बांध' परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 71 नई और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

'ब्रिज-सह-बांध' परियोजनाओं जल संरक्षण जल संरक्षण में लाभकारी साबित होगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी। संग्रहित जल का उपयोग सिंचाई के लिए तथा पेयजल के रूप में किया जा सकता है। इस परियोजना से क्षेत्र के भूजल स्तर को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी और स्टोक किए पानी का उपयोग मवेशियों और सिंचाई सहित कई कार्यों के लिए किए जा सकते हैं। यह आस-पास के क्षेत्रों में Temperature में वृद्धि को रोक सकता है और मिट्टी के कटाव को भी रोकने में कारगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने बजट भाषण में 'ब्रिज-कम-ब्रिज' के निर्माण कार्य पर जोर दिया और कहा कि पर्यावरण अनुकूल कदम के रूप में सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। इसके लिए बजट में 88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे जल संरक्षण, सिंचाई, पशुओं के लिए पीने का पानी और भूजल स्तर में वृद्धि सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा, सुंदरगढ़ जिले में चंद्रपुर-कुलकुटा रोड पर फटाटंगर नाला, अंगुल जिले में रेंगाली-कुलुमानियालु रोड पर बलरामपुर नाला, कंधमाल जिले में कुदुटुली-दमरिकिया रोड और देवगढ़ जिलों के झरसाही जैसे क्षेत्रों में इस परियोजना पर काम किए गए हैं। 'ब्रिज-सह-बांध' परियोजना राज्य के चौमुखी विकास में मददगार साबित हो रही है।












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