कोरोना नहीं, भुखमरी ने ली प्रवासी मजदूर की जान, चेन्नई से ओडिशा साइकिल पर जाते हुए हुई मौत
नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में इस संक्रमण पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन को चौथी बार 31 मई, 2020 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। देशबंदी की वजह से आज भी प्रवासी मजदूर अगल-अलग साधन से अपने घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रवासी मजदूर साइकिल पर चेन्नई से ओडिशा में अपने घर के लिए निकला था लेकिन भुखमरी के चलते रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। श्रमिक को तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश की सीमा पर गुम्मीदिपोन्डी इलाके के पास मृत पाया गया।

गौरतलब है कि देशबंदी के चलते मजदूरों के सामने आजीविक की समस्या है जिस कारण वह अपने गृह राज्य लौटने को मजबूर हो गए हैं। कोरोना संकट के चलते ज्यादातर मजदूरों की मौत भुखमरी और सड़क हादसों में हो चुकी है। बुधवार को 44 वर्षीय राम बिस्वास नाम के मजदूर को सड़क किनारे मृत पाए जाने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। विपक्ष लगातार मजदूरों की समस्या पर मोदी सरकार को घेरे हुए है।
चेन्नई में एक राजमार्ग के फुटपाथ पर मृत पड़े राम बिस्वास को राहगीरों ने देखा था, उन्होंने उसे बचाने की कोशिश भी की थी। राम को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा अप्राकृतिक मौत के तहत मामला दर्ज किया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार राम बिस्वास की मृत्यु भुखमरी से से हुई है। बिस्वास उन पांच लोगों के समूह में से एक थे जो अपने गृह राज्य ओडिशा से वापस चेन्नई जा रहे थे, बताया जा रहा है कि उनके पास बस या ट्रेन से यात्रा करने तक के लिए पैसे नहीं थे।
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