सीबीआई में स्टाफ का टोटा, कैसे हो व्यापमं केस की जांच
नई दिल्ली(ब्यूरो) सीबीआई स्टाफ के टोटे से जूझ रही है। इन हालातों में सीबीआई किस तरह से व्यापमं फर्जीवाड़े की जांच कर सकेगी, ये बड़ा सवाल है। सीबीआई के लिए व्यापमं घोटाले की जांच करना चुनौती से कम नहीं होगा। पर सवाल वही है कि स्टाफ में कमी के चलते उसके लिए इस चुनौती का मुकाबला करना सरल नहीं है।
व्यापमं की जांच
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि उसके कई बेहतरीन अफसर दूसरे केस की जांच देख रहे हैं। इन हालातों में व्यापमं केस की जांच का काम करना कठिन है। व्यापमं घोटाले में 2800 तो आरोपी हैं। इनमें से 400 फरार है। जाहिर है कि इतने बड़े केस की जांच करना कोई बच्चों का खेल तो नहीं है। आजकल सीबीआई के ऊपर सारदा घोटाले के कारण भी काम का बहुत दबाव है।
1400 पेशेवर
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में सीबीआई के पास करीब 9 हजार केस हैं। जिनकी वह छानबीन कर रही है। इन सभी मामलों को सुलझाने के लिए उसे 1400 और पेशेवरों की जरूरत है। खबर है कि गृह मंत्रालय को इस सारे मामले की जानकारी है। सीबीआई ने अपने स्टाफ को बढ़ाने की गृह मंत्रालय से मांग भी की है।
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20 फीसद कम स्टाफ
ताजा सूरते हाल तो ये है कि उसे पास करीब 20 फीसद स्टाफ की कमी है। सीबीआई को जांच और कानून के पेशेवरों की सख्त दरकार है। स्टाफ की भारी कमी के कारण सीबीआई का काम सही तरह से नहीं हो रहा।
हाई प्रोफाइल केस लटके हुए हैं। उनकी रफ्तार से जांच नहीं हो पा रही है। दरअसल सीबीआई को और स्टाफ की जरूरत इस कारण भी महसूस हो रही है क्योंकि उसके पास जांच के लिए आने वाले केस बढ़ते जा रहे हैं।













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