Article 370: केंद्र पर बरसे श्रीनगर के मेयर, बोले किसी के नहीं मरने का मतलब ये नहीं हालात सामान्य

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म किए जाने के बाद से लगातार प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार घाटी में स्थिति सामान्य होने का दावा कर रही हैं। सरकार का कहना है कि 5 अगस्त से आर्टकिल 370 खत्म को किए जाने के बाद से घाटी में एक भी आम नागरिक की मौत नहीं हुई है। लेकिन सरकार के इस दावे पर श्रीनगर के मेयर ने सरकार पर निशाना साधा है। श्रीनगर के मेयर जुनैद आजिम मट्टू ने कहा कि मुमकिन है कि कश्मीर की सड़कों पर किसी का शव नहीं मिला, लेकिन इससे इस बात का निष्कर्ष निकालना कि घाटी में हालात सामान्य हैं, यह बिल्कुल भी सही नहीं है।

सरकार का कदम गलत

सरकार का कदम गलत

मेयर ने कहा कि आर्टिकल 370 को हटाने के बाद लोगों की भावनाओं को शांत रखने का कतई मतलब यह नहीं है कि स्थिति सामान्य है। भाजपा सरकार की लोगों को नजरबंद करने की नीति पूरी तरह से एक्शन में है। बता दें कि श्रीनगर और जम्मू के मेयर को पिछले महीने केंद्र सरकार के आदेश के बाद राज्यमंत्री के स्तर का दर्जा दिया गया है। लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद भी मट्टू सरकार पर लगातार हमलावर हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में सरकार ने जिस तरह का कदम उठाया है वह बिल्कुल सही नहीं है।

सरकार पर साधा निशाना

सरकार पर साधा निशाना

श्रीनगर के मेयर ने केंद्र सरकार द्वारा मुख्यधारा के नेताओं को बंधक बनाए जाने की भी तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में कश्मीर में राजनीतिक एक्टिविस्ट को कई धमकियां मिली हैं, उन्हें आतंकियों की ओर से धमकी दी गई, क्योंकि वह मुख्यधारा की राजनीति में शामिल थे। लेकिन आज उन्हें इस तरह से परेशान किया जा रहा है। बता दें कि जुनैद आजिम जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता भी हैं। पार्टी के मुखिया सज्जाद लोग को भी सरकार द्वारा नजरबंद किया गया है।

लोगों के मौलिक अधिकार छीने गए

लोगों के मौलिक अधिकार छीने गए

बता दें कि इससे पहले मेयर मट्टू ने घाटी में सरकार द्वारा घाटी में समय के साथ स्थिति में ढील देने के वादे पर तीखा हमला किया था। उन्होंने कहा था कि अभी भी कई परिवार अपने चाहने वालों से बात नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि घाटी से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने की वजह से लोगों को खुद की पहचान के संकट से गुजरना पड़ रहा है। हम हमेशा से ही हिंसक माहौल में जीने के लिए मजबूर रहे हैं, लेकिन अब नए हालात पैदा हो गए हैं। लेकिन विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के नाम पर लोगों के मौलिक अधिकार छीन लेना कतई जायज नहीं है।

विदेश मंत्री ने पूछा सवाल

विदेश मंत्री ने पूछा सवाल

बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक साक्षात्कार में कहा था कि इस तरह का कदम उठाना जरूरी था, जिससे कि घाटी में आतंकियों को प्रशासन के खिलाफ खड़ा होने से रोका जा सके। आखिर हम कैसे आतंकी और उनके आकाओं के लिए इंटरनेट बंद कर सकते थे और आम लोगों के लिए इंटरनेट की सेवा को बहाल रख सकते थे। बता दें कि घाटी के हालात पर कई देशों ने चिंता जाहिर की है। अमेरिका, ने भी पिछले कई दिनों से घाटी में पाबंदियों को लेकर चिंता जाहिर की थी।

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