Srinagar Blast: हैंडलिंग में गलती या आतंकी साजिश! नौगाम में 9 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? कैसे हुआ ब्लास्ट
Srinagar Blast: श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात एक शक्तिशाली धमाका हुआ। इस दौरान पुलिस स्टेशन में एक फॉरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी काम कर रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट तब हुआ जब पुलिस और फॉरेंसिक टीम उस विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही थी जो फरीदाबाद, हरियाणा से लाई गई थी। यह सामग्री एक बड़े 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान जब्त किए गए विस्फोटक और बम बनाने के उपकरणों का हिस्सा थी। नौगाम पुलिस स्टेशन ही इस मुख्य आतंकी मॉड्यूल केस को संभाल रहा था।

आसपास के इलाकों में खिड़कियों के टूटे शीशे
जांच के दौरान हुए इस धमाके के बाद कई छोटे विस्फोट भी हुए, जिससे पुलिस स्टेशन की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना इतनी भीषण थी कि रात के सन्नाटे में अफरातफरी मच गई और आसपास के इलाकों में खिड़कियों के शीशे टूट गए।
हैंडलिंग में चूक या टेरर एंगल?
रिपोर्ट्स के अनुसार, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम घटनास्थल से बरामद विस्फोटक पदार्थ की पिछले दो दिनों से जांच कर रही थी। एक्सपर्ट का मानना है कि विस्फोटक अस्थिरता केवल हिलने-डुलने या हैंडलिंग के कारण नहीं होती। इसके पीछे तापमान में बदलाव, रासायनिक संरचना और कुछ विशेष तत्वों के संपर्क जैसी कई संवेदनशील परिस्थितियां हो सकती हैं।
प्रारंभिक जांच में एक संभावना यह है कि पुलिस स्टेशन में जब्त किए गए 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट को सील करने और उसे हैंडल करने की प्रक्रिया के दौरान कोई चूक हुई होगी, जिसके कारण यह विस्फोट हुआ। अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यधिक संवेदनशील रसायन है, और इसे संभालने में जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
टीम यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट अचानक रासायनिक अस्थिरता से हुआ या इसके पीछे कोई बाहरी भूमिका थी। चूंकि यह विस्फोटक सामग्री हरियाणा के फरीदाबाद से लाए गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी थी, इसलिए आतंकी साजिश के इस एंगल को प्राथमिकता से देखा जा रहा है।
DGP नलिन प्रभात का स्पष्टीकरण: विस्फोट में कोई आतंकवादी साजिश नहीं
जम्मू और कश्मीर के डीजीपी (DGP) नलिन प्रभात ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट के कारणों की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि यह एक आकस्मिक विस्फोट (Accidental Blast) था, और किसी भी तरह की आतंकी साजिश या अटकल की कोई आवश्यकता नहीं है।
हादसे में कितने लोगों की हुई मौत?
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 9 लोगों की मौत हुई है, जिनमें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) का 1 अधिकारी, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के 3 एक्सपर्ट, 2 फोटोग्राफर, राजस्व विभाग के 2 अधिकारी और 1 स्थानीय दर्जी शामिल हैं, जबकि इस हादसे में 3 आम नागरिकों सहित कुल 27 लोग घायल हुए हैं।
फरीदाबाद-लिंक्ड आतंकी मॉड्यूल
पुलिस का मानना है कि नौगाम विस्फोट उसी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है जिसके तार कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं। इस मॉड्यूल का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गज़वत-उल-हिंद से बताया जा रहा है।












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