वन नेशन-वन इलेक्शन, UCC की घोषणा अभी मुश्किल, तो फिर विशेष सत्र में क्या दांव चलेगी सरकार?

Parliament Special session: हाल ही में मोदी सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने का ऐलान किया, जिसको सुनकर सभी के होश उड़ गए। खास बात ये है कि सरकार की ओर से इस सत्र के एजेंडे को नहीं बताया गया है। ऐसे में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे। इसके अलावा हाल ही में वन नेशन-वन इलेक्शन पर समिति का गठन हुआ, ऐसे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा कि मोदी सरकार वन नेशन-वन इलेक्शन या फिर यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर बिल ला सकती है। इसके अलावा वो कोई अन्य बिल भी पेश कर सकती है, जिससे चुनाव में लाभ हो। हालांकि इन सब की संभावाएं काफी कम हैं।

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वैसे आमतौर पर किसी भी बिल को पास करवाने के लिए संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाया जाता है। ऐसा तब किया जाता है, जब सरकार की उपलब्धियां गिनवानी हों। वहीं जिन बिल के पेश होने की चर्चा चल रही, उसमें काफी ज्यादा पेंच फंसा है।

वन नेशन-वन इलेक्शन में क्या मामला फंसा?
वैसे वन नेशन-वन इलेक्शन असंभव तो नहीं है, लेकिन ये बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। इसको लागू करने के लिए विपक्ष को कॉन्फिडेंस में लेना होगा, लेकिन अभी ऐसे हालात नहीं हैं। मोदी सरकार के खिलाफ INDIA गठबंधन के तले सभी विरोध एक हो चुके हैं।

इसके अलावा राज्यों से विचार-विमर्श, कानूनी सलाह लेने में भी वक्त लगेगा। ऐसे में इतनी जल्दी इस बिल को पेश नहीं किया जाएगा। हालांकि भविष्य में इस पर मोदी सरकार कोई ना कोई कदम जरूर उठाएगी। समिति का गठन करके उसने ये साफ कर दिया है।

UCC में भी है रिस्क
बीजेपी के घोषणा पत्र में यूसीसी का जिक्र है और सरकार साफ भी कर चुकी है कि वो इसे भविष्य में लाएगी, लेकिन इसमें भी बहुत मुश्किल है। दरअसल यूसीसी से तो मुस्लिम वोटर्स प्रभावित होंगे ही, साथ ही उससे आदिवासियों के भी नाराज होने का डर है। ऐसे में चुनावी साल में सरकार ऐसा रिस्क नहीं लेगी। आने वाले दिनों में एमपी-छत्तीसगढ़, तेलंगाना जैसे आदिवासी बाहुल्य राज्यों में चुनाव भी हैं।

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
विशेषज्ञों के मुताबिक इस सत्र में कोई बिल आना मुश्किल है। चुनाव से पहले सरकार अपनी उपलब्धियां देश के सामने रखना चाहती है। ऐसे में हो सकता है कि वो इसरो की कामयाबी, जी-20 की सफलता आदि पर चर्चा करेगा।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सरकार रोहिणी आयोग की रिपोर्ट भी पेश कर सकती है, जो ओबीसी आरक्षण को लेकर है। विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार इस पर तभी दांव चलेगी, जब इससे उसका फायदा होगा।

विपक्ष की बैठक को फेल करने का प्लान
हाल ही में विपक्षी गठबंधन INDIA ने मुंबई में बैठक की। उसी वक्त सरकार की ओर से विशेष सत्र का ऐलान किया गया, ऐसे में लोगों का पूरा ध्यान बैठक से हटकर इस पर आ गया।

तय वक्त से पहले चुनाव मुश्किल
दावा ये भी किया जा रहा था कि लोकसभा चुनाव 2024 तय वक्त से पहले करवाए जा सकते हैं, लेकिन सरकार ने इन खबरों का खंडन किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के मुताबिक चुनाव आगे या पीछे नहीं होंगे। वो तय वक्त पर ही करवाए जाएंगे।

कब से कब तक है सत्र?
संसद का विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर तक चलेगा। इसमें 5 बैठकें हो सकती हैं।

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