मुंबई केंद्र शासित प्रदेश बना तो देश में होंगे कितने UT? विशेष संसद सत्र को लेकर कांग्रेस ने किया है दावा
Special parliament session: 18 सितंबर से शुरू हो रहे विशेष संसद सत्र को लेकर कांग्रेस की ओर से एक बड़ा दावा करके सनसनी मचा दी गई है। इस दावे के मुताबिक इस विशेष सत्र का मकसद मुंबई को महाराष्ट्र से अलग एक केंद्र शासित प्रदेश घोषित करना है।
कांग्रेस की ओर से यह दावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने किया है। गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 18 सितंबर से 22 सितंबर तक के लिए जो संसद का विशेष सत्र बुलाया है, उसका एजेंडा अभी तक सामने नहीं आया है।

मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाएगा- कांग्रेस
बहरहाल महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड महामारी या नोटबंदी या मणिपुर जैसे मुद्दों पर कभी विशेष संसद सत्र आयोजित नहीं किया। अब सत्र सरकार की इच्छा और मूड के हिसाब से बुलाया जाता है। इस सत्र में मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाएगा और इसे बाकी महाराष्ट्र से अलग कर दिया जाएगा।'
एक तरफ उन्होंने मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने का दावा कर दिया, वहीं दूसरी तरफ यह भी कहा कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को गुजरात ले जाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, यह पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी की अटकलबाजी है। लेकिन, आइए हम जानने की कोशिश करते हैं कि अगर ऐसा हुआ तो देश में कितने केंद्र शासित प्रदेश हो जाएंगे।
तो 9वां केंद्र शासित प्रदेश होगा मुंबई
आज की तारीख में देश में कुल मिलाकर 8 केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory)हैं। केंद्र शासित प्रदेश का मतलब ये है कि वहां का शासन सीधे केंद्र सरकार के हाथों में होता है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय उपराज्यपालों या प्रशासकों के माध्यम से चलाता है। अगर कांग्रेस का दावा सच साबित होता है तो देश में मुंबई समेत केंद्र शासित प्रदेशों की कुल संख्या 9 हो जाएगी।
देश के 8 केंद्र शासित प्रदेश ये हैं-
- 1) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- 2) दादरा और नागर हवेली और दमन और दीव
- 3) लक्षद्वीप
- 4) पुडुचेरी
- 5) चंडीगढ़
- 6) दिल्ली
- 7) जम्मू और कश्मीर
- 8) लद्दाख
केंद्र शासित प्रदेश का शासन
अभी देश में जो 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, उनकी व्यवस्था भी एक जैसी नहीं है। जैसे दिल्ली और पुडुचेरी में विधानसभा भी है और राज्य में चुनी हुई सरकारें हैं और वहां मुख्यमंत्री भी होते हैं। जमीन और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अलावा बाकी जिम्मेदारियां अन्य राज्यों की तरह यही राज्य सरकारें निभाती हैं। जम्मू और कश्मीर के लिए भी आर्टिकल-370 हटने के बाद भी विधानसभा की व्यवस्था की गई है। वहां भी चुनाव होने के बाद एक चुनी हुई सरकार होगी और राज्य का एक मुख्यमंत्री भी होगा।
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख सबसे नए UT
एक बात और खास है कि अभी दिल्ली और पुडुचेरी को छोड़कर किसी भी केंद्र शासित प्रदेश का राज्यसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। अभी जो 8 केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में हैं, उनमें से जम्मू और कश्मीर और लद्दाख सबसे नए यूटी (UT) हैं। 5 अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया था और ये दोनों नए केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर, 2019 से अस्तित्व में आए हैं।
केंद्र शासित प्रदेश जो पूर्ण राज्य बन गए
1956 में देश में कुल 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश की हो चुकी है। जिन राज्यों को यूटी से पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया है, वे हैं- सिक्किम, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा।
केंद्र शासित प्रदेश की आवश्यकता
देश में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सबसे पुराना केंद्र शासित प्रदेश है। यूटी का गठन किसी ना किसी विशेष परिस्थितियों में किया जाता है। मसलन, मूल सभ्यताओं से जुड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा, किसी भी तरह के राजनीतिक फसाद को रोकने, शासन से संबंधित दुविधाओं को दूर करने या किसी विदेशी उपनिवेश से जुड़ी कॉलोनियों को भारत के साथ पूरी तरह से आत्मसा करने या फिर देश के सामरिक महत्त्व को देखते हुए।
जैसे चंडीगढ़ को लेकर पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की दावेदारी रही है। यह शहर दोनों की राजधानियां होने के साथ खुद चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की भी राजधानी है। अंडमान अपनी मूल सभ्यता के लिए दुनिया भर में विख्यात है तो यह देश के लिए रणनीतिक तौर पर भी बहुत अहम है। दिल्ली देश की राजधानी है, इसलिए इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना मुश्किल है।
इसी तरह पुडुचेरी पहले फ्रांस के प्रबंधन में था तो दमन और दीव पुर्तगालियों के। गोवा का भी यही हाल था। इन सबकी संस्कृति काफी अलग थी। इसलिए उन्हें यूटी बनाया गया। लेकिन बाद में गोवा पूर्ण राज्य बन गया।












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