स्पीकर के चुनाव में कैसे पहले दिन ही बंट गया INDIA bloc, कांग्रेस-TMC में उभरे मतभेद?
Lok Sabha Speaker Election: एक दिन पहले तक लोकसभा स्पीकर के चुनाव को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक जिस तरीके से अड़ा हुआ था, बुधवार को उसके तेवर असाधारण रूप से ढीले नजर आ रहे थे। खासकर के सुरेश को उम्मीदवार के तौर पर उतारने वाली कांग्रेस का सुर तो पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा था।
एक दिन पहले तक जिस तरह से लग रहा था कि स्पीकर के चुनाव के नाम पर विपक्ष संख्या बल में जोर आजमाइश की कोशिश करेगा। लेकिन, हुआ ये कि सत्तापक्ष के उम्मीदवार ओम बिरला को बहुत ही आराम से ध्वनिमत से स्पीकर चुन लिया गया।

मत विभाजन पर बंट गया विपक्ष!
अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि जो विपक्ष स्पीकर का चुनाव एक दिन पहले परंपरा के तहत सर्वसम्मति से कराने के लिए तैयार नहीं हुआ, वह मत विभाजन से पीछे क्यों हट गया? बाद में इंडिया ब्लॉक इस मुद्दे पर पूरी तरह से बंटा हुआ नजर आया।
मत विभाजन की अनुमति नहीं मिली- टीएमसी
तृणमूल कांग्रेस सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि 'नियम कहता है कि अगर एक भी सदस्य सदन में विभाजन की मांग करता है, तो इस केस में प्रोटेम स्पीकर को मत विभाजन की अनुमति देना है। आप लोकसभा की फुटेज में साफ देख और सुन सकते हैं कि विपक्ष के कई सदस्यों ने विभाजन की मांग की और कहा कि प्रस्ताव को मतदान के लिए रखें और प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया, बिना (मत) विभाजन कराए।'
उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि भाजपा के पास संख्या नहीं थे और यह सरकार बिना नंबर के चल रही है। उन्होंने इस सरकार को 'गैर-कानूनी, अनैतिक, बेईमान और असंवैधानिक' तक कह दिया।'
हमनें वोटों के विभाजन की मांग नहीं की- कांग्रेस
लेकिन, कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश ने इन आरोपों और दावों का औपचारिक तौर पर खंडन कर दिया है। रमेश ने कहा, 'मैं आपको औपचारिक तौर पर बता रहा हूं कि हमनें वोटों के विभाजन की मांग नहीं की...हमने इसकी मांग नहीं की, क्योंकि हमें यह उचित लगा कि पहले दिन ही इस पर आम सहमति बन जाए,पहले दिन सर्वसम्मति का माहौल बने। यह हमारी ओर से एक रचनात्मक कदम था। हम (मत) विभाजन की मांग कर सकते थे।'
संख्या बल नहीं था, इसलिए मत विभाजन नहीं मांगा- जेएमएम
कांग्रेस ही नहीं, इंडिया ब्लॉक की एक और सहयोगी जेएमएम ने भी कहा है कि उनके पास संख्या बल नहीं था, इसलिए विभाजन नहीं मांगा गया। जेएमएम सांसद महुआ माझी ने कहा, 'संख्या बल तो नहीं था, इसलिए नहीं मांगा गया विभाजन। कोशिश तो ये थी कि डिप्टी स्पीकर हमारे तरफ से हो...होते तो बहुत अच्छा लगता।'












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