यूपी में अखिलेश-मायावती के महागठबंधन पर क्या बोले योगी आदित्यनाथ?
यूपी में सपा-बसपा के महागठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच कल यानी शनिवार को गठबंधन का ऐलान हो सकता है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती कल लखनऊ के होटल ताज में दोपहर 12 बजे साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटों के बंटवारे का ऐलान भी किया जा सकता है। वहीं, अखिलेश यादव और मायावती के बीच होने वाले इस महागठबंधन को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है।

गठबंधन पर सीएम योगी ने कही बड़ी बात
अखिलेश यादव और मायावती की कल होने वाली साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'सपा और बसपा का गठबंधन दोनों नेताओं के अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है और वो उसी के अनुसार मतदान करेगी।' आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने यूपी की 80 में से 71 सीटों पर जीत हासिल की थी। इन चुनावों में समाजवादी पार्टी को महज 5 सीटें मिलीं थी, जबकि बहुजन समाज पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। ऐसे में 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर सपा और बसपा के गठबंधन को काफी अहम माना जा रहा है।

'हमारे पास गठबंधन है, भाजपा के पास सीबीआई'
इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा-बसपा के गठबंधन पर कहा था कि चाहे सपा और बसपा के बीच गठबंधन हो या नहीं हो, हमपर इसका कोई असर नहीं पडे़गा। देश पीएम मोदी के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और लोग एक बार फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय में अखिलेश यादव और मायावती के होर्डिंग भी लगाए गए थे। सपा छात्र सभा की ओर से लगाए गए इन होर्डिंग में अखिलेश यादव और मायावती का फोटो लगाते हुए लिखा था, 'हमारे पास गठबंधन है और भाजपा के पास सीबीआई, सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं।'

ये है सपा-बसपा का गणित
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव और मायावती यूपी में सीटों के बंटवारे की डील लगभग फाइनल कर चुके हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि दोनों पार्टियों ने फिलहाल यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 76 पर महागठबंधन के तहत साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। बाकी बची 4 सीटों को लेकर खबर है कि इनमें से दो सीटें अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ी जा सकती हैं, जबकि दो सीटों पर फैसला होना अभी बाकी है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव और मायावती के बीच 76 में से 37-37 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। समाजवादी पार्टी को मिली 37 सीटों में से ही अखिलेश यादव निषाद पार्टी और पीस पार्टी को भी सीटें देंगे। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में अखिलेश को इन दोनों पार्टियों का साथ मिला था। गोरखपुर में तो निषाद पार्टी प्रमुख के बेटे को ही सपा के टिकट पर लड़ाया गया था।












Click it and Unblock the Notifications