इतिहास में पहली बार पूरा विपक्ष सड़क पर आया
नई दिल्ली। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध आज पूरे विपक्ष ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया। मार्च की अगुवाई कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने की। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सोनिया ने कहा कि यह बिल किसान विरोधी है और वह इस अध्यादेश को पास नहीं होने देंगी।

वहीं शरद यादव ने कहा कि पूरा विपक्ष इस अध्यादेश के खिलाफ है। मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दल के तकरीबन 125 सांसद शामिल हुए। जिनमें से 26 सांसदों को राष्ट्रपति से मिलने की इजाजत दी गयी थी।
इस अवसर पर मार्च में शामिल कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के साथ है और उन्हीं के लिए इस बिल में ये बदलाव कर रही है। इस बीच सरकार ने कहा है कि उसकी तरफ से मार्च पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सांसदों को राष्ट्रपति से मिलने का पूरा हक है।
गौरतलब है कि जमीन अधिग्रहण बिल लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। इससे पहले सोमवार को भी कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। रास्ते में पुलिस ने उसका रास्ता रोक लिया। जिस पर दोनों के बीच जमकर झड़प हुई।
पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा जिसमें कई कार्यकर्ता घायल भी हुए। वहीं कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण बिल में अहम बिंदुओं को खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की लड़ाई है और वह इसे लोगों के लिए सड़क पर लडेंगी।












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