सोनभद्र: बिना सूचना के उम्भा गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, बोले- ग्रामीणों को मिले आर्म्स लाइसेंस

लखनऊ: भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को सोनभद्र जिले के उम्भा गांव पहुँचे। चंद्रशेखर ने अपने दौरे की सूचना जिला प्रशासन को भी नहीं दी थी। दलित नेता चंद्रशेखर ने पिछले सप्ताह नरसंहार में मारे गए 10 लोगों के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और पीड़ित आज भी खौफ में हैं। उन्हें धमकियां मिल रही हैं। चंद्रशेखर ने योगी सरकार से पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की।

उम्भा गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर

उम्भा गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर

दलित नेता चंद्रशेखर ने कहा कि गोंड आदिवासी समुदाय के ग्रामीणों को शूटआउट के बाद भी धमकी दी जा रही है। इसलिए या तो उन्हें सुरक्षा दी जाए या फिर हथियारों का लाइसेंस दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुझे अपने लोगों से मिलने के लिए मोटरसाइकिल पर गांव में घुसना पड़ा। अगर प्रशासन को ऊम्भा गांव की मेरी यात्रा के बारे में पता होता, तो वो मुझे यहां नहीं आने देते और और पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं देते। ये खबर फैलाई जा रही है कि दोनों तरफ से गोलाबारी हुई, जो पूरी तरह से झूठ है। किसी भी ग्रामीण के पास कोई बन्दूक या लाइसेंस नहीं है।

पीड़ितों को हरसंभव मदद करेंगे

पीड़ितों को हरसंभव मदद करेंगे

चंद्रशेखर ने कहा कि भीम आर्मी पीड़ितों की हरसंभव मदद करेगी। हम उनके मामलों को लड़ेंगे और दोषियों को सजा दिलाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि यह भी एक तथ्य है कि गांव में 300 लोग आए थे और उनमें से ज्यादातर हथियारबंद थे। प्रशासन को यह भी बताना चाहिए कि इस घटना में कितनी हथियारों को जब्त किया गया और कितनी ट्रैक्टर ट्रॉली का उपयोग हुआ। पीड़ितों के पक्ष में प्रशासन से बात करने वाले गांव के लोगों को धमकी दी जा रही है। मैं सरकार से मांग करता हूं उन्हें या तो सुरक्षा प्रदान करे या फिर कम से कम हथियार का लाइसेंस दिया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नरसंहार के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि साल 1955 में भूमि विवाद की नींव कांग्रेस ने रखी, जिसके कारण पिछले सप्ताह 10 लोग मारे गए। रविवार को योगी आदित्यनाथ ने उम्भा गांव का दौरा किया। अपने गांव के दौरे के दौरान सीएम ने इस नरसंहार के मुख्य आरोपी और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सांठगांठ का संकेत दिया था।

प्रियंका को हिरासत में लिया

प्रियंका को हिरासत में लिया

कांग्रेस नेता और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी को उम्भा गांव जाते समय रास्ते में ही हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा था कि हत्याएं उस समय हुईं जब बीजेपी की सराकर राज्य और केंद्र में है। इसलिए बीजेपी को चाहिए इसकी जिम्मेदारी लें। प्रियंका गांधी ने सोनभद्र मामले में पीड़ित परिवारों को कांग्रेस पार्टी की तरफ से 10-10 लाख के मुआवजे का ऐलान किया था। प्रियंका गांधी खुद इन परिवारों को मुआवजे की धनराशि का चेक सौंपना चाहती हैं। इसके लिए आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर वो दोबारा उनके सोनभद्र दौरे की तैयारी कर रही हैं।

कब हुआ सोनभद्र नरसंहार

कब हुआ सोनभद्र नरसंहार

बुधवार को गांव के प्रधान यज्ञदत्त ट्रैक्टर ट्रॉली में करीब 200 लोगों को लेकर घोरावल थाना इलाके के उम्भा गांव पहुंचे। इन लोगों के पास गंड़ासे और अवैध तमंचे थे। प्रधान ट्रैक्टरों से खेत की जबरन जुताई करवाने लगा। इस पर जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो प्रधान के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई। इस नरसंहार के दौरान 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

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