कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश का बयान, हिजाब के नाम पर छात्राओं को भड़का रहे हैं कुछ संगठन
बेंगलुरु, फरवरी 09। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश हिजाब विवाद पर कुछ भी बोलने से परहेज करते हुए नजर आए। दरअसल, इंडिया टुडे चैनल पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश और हिजाब को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली छात्रा का आमना-सामना कराया गया। इस बातचीत के दौरान छात्रा ने शिक्षा मंत्री से ढेर सारे सवाले किए, लेकिन बीसी नागेश ने सिर्फ अपनी टिप्पणी में यही कहा कि अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वो हम मानेंगे।

हम अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं- याचिकाकर्ता
इस बातचीत के दौरान याचिका दाखिल करने वाली छात्रा ने कहा कि हम अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, हमें स्कूल की यूनिफॉर्म पहनने से कोई दिक्कत नहीं है, बस हमें सिर को ढकना होता है और हिजाब हमारे सिर को ही ढकता है, हमारे दिमाग को नहीं, इसलिए छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में आने की अनुमति दी जाए। प्रदर्शनकारी छात्रा ने आगे कहा कि आखिर किसने कहा है कि हम हिजाब पहनकर अपनी पढ़ाई नहीं कर सकते, हम बस अपने संवैधानिक अधिकारों की गारंटी का अनुरोध कर रहे हैं।
हिजाब के नाम पर छात्राओं को भड़काया जा रहा है- BC नागेश
छात्रा ने इस दौरान बीसी नागेश से सवाल किया कि किसने कहा है कि हम अपने हिजाब को पहनकर पढ़ाई नहीं कर सकते? छात्रा के इस सवाल के जवाब में बीसी नागेश सीधा-सीधा बोलने से कतराते हुए नजर आए। मंत्री ने कहा कि ये मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
'मुस्लिम संगठन छात्राओं को भड़का रहे हैं'
बीसी नागेश ने कहा कि छात्रों को भड़काने का काम किया जा रहा है, नहीं तो आप ही सोचिए कि छात्र हाईकोर्ट में कैसे याचिका दायर कर सकते हैं? इस दौरान बीसी नागेश ने कुछ इस्लामिक संगठनों के नाम लेते हुए कहा कि ये संगठन छात्राओं को भड़का रहे हैं। बीसी नागेश ने PFI और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पर छात्राओं को उकसाने का आरोप लगाया।












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