'चुनाव आएंगे और जाएंगे, लेकिन मेरी असली जीत...', अमेठी हार पर बोलीं स्मृति ईरानी, बताया किस बात से हैं परेशान
Smriti Irani on Amethi defeat: भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने अमेठी लोकसभा चुनाव हार पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा है कि अमेठी से वह भावनात्मक और वैचारिक दोनों तरह से जुड़ी हुई हैं।
स्मृति ईरानी ने कहा है कि अमेठी की अपनी हार से वह निराश नहीं हैं। 2019 के चुनावों में राहुल गांधी को अमेठी से हराने के बाद ईरानी को 2024 में गांधी परिवार के वफादार किशोरी लाल शर्मा से करारी हार का सामना करना पड़ा।

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स्मृति ईरानी बोलीं- अमेठी से अपनी हार से परेशान नहीं हूं
स्मृति ईरानी ने पॉडकास्ट पर कहा,
"मैं अमेठी से अपनी हार से परेशान नहीं हूं। यहां तक कि भाजपा के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी भी चुनाव हार गए थे। केवल नरेंद्र मोदी ही अब तक नहीं हारे हैं। मैं पहले भी चुनाव हार चुकी हूं, जब मैंने 2004 में चांदनी चौक से और 2014 में चुनाव लड़ा था। चुनाव आते-जाते रहेंगे। मेरी असली जीत यह है कि अब 1 लाख परिवार अपने घरों में रह रहे हैं, 80 हजार घरों में अब बिजली आ रही है और दो लाख परिवारों को पहली बार गैस सिलेंडर मिले हैं।"
स्मृति ईरानी ने कहा, ''साढ़े 3 लाख लोगों के घरों में मैंने शौचालय बनाए हैं। 40 से ज्यादा गांव थे, जहां सड़क नहीं बनी थी। मैंने वहां काम कराया। मेरे लिए सफलता यह है कि 50 हजार बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में दाखिला दिलाने में मैंने मदद की।''
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कौन सी बात अब स्मृति ईरानी को कर रही है परेशान
स्मृति ईरानी ने कहा है कि वह चुनाव हारने से परेशान नहीं है। वह बदलते राजनीतिक नैरेटिव को लेकर चिंतिंत हैं। आज कल जिस तरह से जाति को लेकर बातें हो रही हैं, वह परेशान करने वाली हैं। आज ये विडंबना है कि जाति और गोत्र तक की बातें होने लगी है। लोग मुझसे पूछते हैं कि आपने तो पारसी से शादी की है। आपके माता-पिता कौन थे? उनकी जाति और गोत्र क्या थी।
पहली बार अमेठी से चुनाव लड़ने पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी?
स्मृति ईरानी ने कहा,''पहले आरोप लगते थे कि सांसद कभी अमेठी में नहीं दिखते हैं। लेकिन मैंने सुनिश्चित किया कि निर्वाचन क्षेत्र की कभी उपेक्षा न हो और मैंने वहां एक घर भी खरीदा।'' ईरानी की इस टिप्पणी को राहुल गांधी पर तंज के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने लगातार तीन बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
पहली बार अमेठी से चुनाव लड़ने पर ईरानी ने कहा, ''22 मार्च 2014 को रात 11 बजे राजनाथ सिंह का फोन आया कि मुझे अमेठी जाना है और वहां से चुनाव लड़ना है। मैंने इस पर कोई शिकायत नहीं की और चुनौती स्वीकार की। जब मैं वहां गई तो मैंने देखा कि 40 गांव ऐसे थे जहां आजादी के बाद से सड़कें नहीं बनी थीं। पिछले पांच सालों में मैंने एक लाख परिवारों के लिए घर बनवाए, 3.5 लाख शौचालय बनवाए और 4 लाख लोगों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ा। करीब दो लाख परिवारों को पहली बार गैस सिलेंडर मिले।"
क्या स्मृति ईरानी भाजपा की दिल्ली इकाई की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार होंगी?
जब स्मृति ईरानी से दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया और कहा कि लोगों की सेवा करना हमेशा से ही सौभाग्य की बात रही है।
स्मृति ईरानी ने जवाब में कहा, "लोगों की सेवा करना हमेशा से ही सौभाग्य की बात रही है। मैं तीन बार सांसद रही हूं और पांच-छह विभागों की प्रमुख के तौर पर काम कर चुकी हूं। मैं भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव भी रही हूं।"












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