क्या भाजपा स्मृति ईरानी को बना सकती है पहली महिला कार्यकारी अध्यक्ष, क्यों लग रही हैं अटकलें?
BJP President News: बीजेपी पार्टी में एक व्यक्ति एक पद की नीति का पालन करती रही है। लेकिन, जेपी नड्डा केंद्र में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रासायनिक और उर्वरक मंत्री बनने के बावजूद भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं। ऐसे में उनकी जगह नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है और अटकलें हैं कि पहली बार पार्टी किसी महिला नेता को भी यह जिम्मेदारी सौंप सकती है।
2019 में जब बीजेपी दूसरी बार चुनकर सत्ता में आई थी और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को केंद्र में गृह मंत्री बनाया गया था, तो उनकी जगह जेपी नड्डा को पार्टी की कमान सौंपी गई थी। नड्डा पहले पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे और फिर 2020 के जनवरी में पूर्ण-कालिक अध्यक्ष बनाए गए।

स्मृति ईरानी बन सकती हैं बीजेपी की कार्यकारी अध्यक्ष?
इस बार मोदी सरकार बनने के बाद से ही जेपी नड्डा की जगह नए चेहरे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। तब भी मीडिया में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि अमेठी में चुनाव हार चुकीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को यह जिम्मेदारी दी जी सकती है।
चर्चा के मुताबिक हो सकता है कि स्मृति ईरानी को भी बीजेपी नड्डा की तरह पहले कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर ही नियुक्त करे। अगर ऐसा होता है तो भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में यह पहली बार होगा कि किसी महिला नेता को संगठन के सर्वोच्च पद पर बिठाया जाएगा।
स्मृति क्यों हो सकती हैं अध्यक्ष के रूप में भाजपा की पसंद?
पिछले कई चुनावों में ऐसा देखा गया है कि महिलाएं वोटर एक अलग वोट बैंक के रूप में उभर कर सामने आई हैं। आमतौर पर कल्याणकारी योजनाओं की वजह से महिला वोटर जाति और धर्म की दीवार भी तोड़ती हुई नजर आ रही हैं। माना जाता है कि महिला वोटर में प्रतिबद्धता अधिक होती है और अगर एक बार किसी पार्टी पर भरोसा कर लेती हैं तो बिना किसी बड़ी वजह के फिर उससे आसानी से दूर नहीं होतीं।
ऐसे में अगर बीजेपी स्मृति ईरानी को यह मौका देती है तो वह इस रोल में पार्टी के काम आ सकती हैं। क्योंकि, वह एक अच्छी वक्ता हैं और कई भाषाओं में उनकी अच्छी कमांड भी है। वह आसानी से महिलाओं के बीच घुल-मिल जाती हैं और मौजूदा राष्ट्रीय परिदृश्य में बीजेपी के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी देना कारगर कदम साबित हो सकता है।
महिला वोटरों की बढ़ गई है अहमियत
बीजेपी का पिछले कुछ समय का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो वह महिलाओं को आगे लाने पर खास फोकस कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला की अगुवाई में विकास को अपने शासन का एक मूल मंत्री बनाने की पहल की है। पार्टी ने पहले एक आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति के पद पर बिठाया है। फिर पिछले साल संसद के विशेष सत्र में महिलाओं के लिए दशकों से लंबित पड़ा विधनसभा और लोकसभा में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षण वाला विधेयक पास करवाया है।
स्मृति ईरानी के अलावा भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर जिन संभावित नामों पर चर्चा होती है, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और देवेंद्र फडणवीस जैसे नाम भी शामिल हैं।












Click it and Unblock the Notifications