No Confidence Motion: स्मृति ईरानी ने किया 84 के दंगों का जिक्र, कहा -बच्चों की मौत पर मौन क्यों थे?
Smiriti Irani in Lok Sabha Updates: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज दूसरा दिन है, राहुल गांधी के संबोधन के बाद भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने उन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'मणिपुर ना खंडित था और ना है, ये देश का हिस्सा था और हमेशा रहेगा। कांग्रेस के लोग आज इंसाफ की बातें करते हैं लेकिन ये अपना इतिहास भूल गए हैं।'

स्मृति ईरानी ने अपने संबोधन में कश्मीरी पंडितों के दर्द का और साल 1984 के दंगों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस आज न्याय की बात कर रही है लेकिन उस समय इनका न्याय कहां चला गया था, जब कश्मीर में पंडितों पर अत्याचार हो रहा था और उन्हें घर से बेघर किया जा रहा था।'
'जब दंगे हो रहे थे, तब इनके आंसू कहां थे'
उन्होंने कहा कि 'सन 1984 में जब दंगे हो रहे थे, तब इनके आंसू कहां थे? '84 के दंगों के दौरान पत्रकार प्रणय गुप्ता ने लिखा है कि, 'बच्चों की हत्या कर, उनके अंगों को मां के मुंह में ठूंसा गया, तब क्यों ये मौन थे?' तब इनका दिल नहीं पिघला, इन्हें पीड़ा नहीं हुई।'
'आज महिलाएं सैनिक स्कूल में पढ़ सकती हैं'
स्मृति ईरानी ने कहा कि 'देश में आज महिलाएं सैनिक स्कूल में पढ़ सकती हैं, सेना में अफसर बन रही हैं, महिलाओं को अधिकार दिए गए हैं, उनके लिए रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा का प्रावधान किया गया है।'
'खुले में शौच के कारण महिलाओं का होता था रेप'
यूपीए की सरकार को 2005 में ये ज्ञात हो गया था कि 'खुले में शौच होने की वजह से महिलाओं के रेप हो रहे हैं, ये तब भी मौन थे। मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए शौचालय बनवाएं और उन्हें सुरक्षा प्रदान की। साल 2013 में निर्भया कमेटी बनाई गई थी लेकिन उसके लिए कोई काम इन लोगों ने नहीं किया।'
'हिंदुस्तान की चाबी इनकी माता जी के हाथ में नहीं'
अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात का समापन करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि 'जो भारत माता की हत्या की बात कर रहे थे, उनसे कहना चाहती हूं कि 'अंग्रेज आए चले गए, मुगल सल्तनत आई खत्म हो गई, हिंदुस्तान आज भी है आगे भी रहेगा, हिंदुस्तान की तिजोरी की चाबी उनकी माता जी के हाथ में नहीं है।'












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