शहीद की बेटी बोली, मैं IIT में पढ़ना चाहती थी लेकिन अब...
नई दिल्ली। शहीद की बेटी ने अपने करियर और आने वाली जिंदगी के लिए अपने पापा संग मिलकर कई सपने देखे थे, लेकिन अब उसकी आंखों में सिर्फ आंसू हैं।

रविवार सुबह जम्मू-कश्मीर के उरी में शहीद 18 जवानों के शव उनके घर पहुंच गए हैं। एक तरफ इन जवानों का अंतिम संस्कार हो रहा है, तो दूसरी इनके परिवार का आंखों के आंसू हैं, जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
उरी हमले में शहीद होने वाले जवानों में एक नाम बिहार के गया निवासी नायक एस. के विद्यार्थी का भी है। विद्यार्थी की मौत की खबर के बाद पूरे परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं शहीद की बेटी को रह-रह कर पिता की बातें याद आती हैं और उसकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं।
शहीद की बेटी का कहना है कि वो IIT में पढ़ना चाहती है। इसके लिए वो अपने पापा से भी अक्सर बात करती थी लेकिन अब वो नहीं जानती कि उसके सपने का क्या होगा।
मेरे पापा देश के लिए शहीद हुए
शहीद की बेटी का कहना है कि उसे अपने पापा पर गर्व है क्योंकि वो देश के लिए शहीद हुए हैं। पापा की मौत के बाद इस बेटी की आंखों में आंसू तो हैं लेकिन इसने हौंसला नहीं हारा है।
शहीद की बेटी का कहना है कि उन कायरों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए जिन्होंने सेना के कैंप पर हमला किया। शहीद की बेटी का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि इस तरह के कायराना हमले करने वालों को कड़ा जवाब दिया जाए।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के उरी स्थित सेना कैंप पर रविवार तड़के आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए जबकि 19 घायल है।
पूरे देश हैं गम और गुस्सा
रविवार तड़के ये हमला तब किया गया जब ड्यूटी करने के बाद जवान सो रहे थे, वहीं कुछ जवान ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इस हमले के बाद देश में गुस्सा है।
घात लगाकर किए गए इस हमले से सेना के कैंप में आग लग गई थी। इसके बाद सेना के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए चार आतंकियों को मार गिराया था।












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