कोरोना से ठीक हुए लोगों के लिए Covaxin की एक खुराक पर्याप्त हो सकती है: ICMR
ICMR के अध्ययन में सामने आया है कि कोवैक्सीन की सिंगल डोज कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों पर उतना ही असर करती है जितना की गैरसंक्रमित लोगों पर दोनों डोज करती हैं।
नई दिल्ली, 28 अगस्त। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के एक अध्ययन में सामने आया है कि भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सिन की सिंगल डोज कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों पर उतना ही असर करती है जितना की गैर संक्रमित लोगों पर वैक्सीन की दोनों डोज करती हैं। यह अध्ययन शनिवार को इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित हुआ।

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इस अध्ययन में कोरोना से संक्रमित हुए और वैक्सीन की एक डोज ले चुके व्यक्तियों में बनने वाली एंटीबॉडी की तुलना गैर संक्रमित और कोरोना की दोनो डोज ले चुके व्यक्तियों में बनने वाली एंटीबॉडी से की गई। अध्ययन का मकसद दोनों तरह के लोगों में बनने वाली एंटीबॉडी की मात्रा का पता करना था।
अध्ययन के एक हिस्से के रूप में, फरवरी से मई 2021 तक चेन्नई में टीकाकरण केंद्रों पर कोवैक्सिन प्राप्त करने वाले 114 स्वास्थ्य पेशेवरों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं से रक्त के नमूने एकत्र किए गए थे। कोरोना से संक्रमित हुए सभी (दो लोगों को छोड़कर) लोगों में वैक्सीन से एंटीबॉडी बनने का स्तर गैर संक्रमित और वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों में बनने वाली एंटीबॉडी के समान था। यानी अध्ययन के परिणाम काफी अच्छे रहे।












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