कोरोना महामारी के दौरान बच्चे पैदा करने वालों को सिंगापुर सरकार देगी 'बेबी बोनस'
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर बरपा रखा है। लेकिन सिंगापुर में इसके उलट देखने को मिल रहा है। सिंगापुर की सरकार लो बेबी बर्थ रेट के कारण परेशान है। जिसके चलते अब बच्चा पैदा करने में रूचि रखने वाले अभिभावकों को सिंगापुर सरकार आर्थिक मदद देने जा रही है। कोरोनोवायरस महामारी के दौरान लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार पैसा देने की पेशकश कर रही है। बेबी बोनस नाम की यह योजना इसलिए शुरू की गई है ताकि खराब अर्थव्यवस्था के कारण लोग अपना परिवार बढ़ाने में देरी न करें।

दुनिया में सबसे कम जन्म दर सिंगापुर में हैं
दुनिया में सबसे कम जन्म दर सिंगापुर में हैं जिसे वह सालों से बढ़ावा देता आ रहा है। इसी बीच कोरोना के कारण आम जनता नौकरी की छंटनी के चलते आर्थिक तनाव से जूझ रही है, जिससे वे अपना परिवार बढ़ाने से भी डर रहे हैं। इस चिंता और तनाव को दूर करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाने का फैसला किया है। उप-प्रधानमंत्री हेंग स्वी कीट ने कहा कि प्रोत्साहन राशि से उन लोगों को मदद मिलेगी जो वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं, हमें ऐसे लोगों की चिंता है जिनसे कोरोना ने नौकरी चली गई है।

सरकार लोगों को इस पहल से जोड़ रही है
हेंग स्वी कीट ने कहा कि कुछ महत्वाकांक्षी अभिभावकों ने कोरोना वायरस के कारण पेरेंट्स प्लान को स्थगित करने का मन बनाया है। उन्होंने कहा कि फीडबैक में हमारे सामने यह चीज आई है। जब वे आय को लेकर अनिश्चितता का सामना करते हैं, तो यह बात पूरी तरह से समझ में आती है। उन्होंने बताया कि रकम और उसके खर्च करने के बारे में बारे में ज्यादा जानकारी का ऐलान बाद में किया जाएगा। लेकिन यह मौजूदा बेबी बोनस से अधिक होगा।

अभी भी सरकार देती है इतना बेबी बोनस
सिंगापुर की वर्तमान बेबी बोनस प्रणाली में माता-पिता को 10,000 सिंगापुर मुद्रा लगभग साढ़े पांच लाख रुपये तक प्रदान किया जाता है। सिंगापुर का प्रजनन दर 2018 में आठ साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया था। सरकारी डेटा के मुताबिक, प्रति महिला पर 1.14 जन्म दर थी। यह हांगकांग के समकक्ष है। प्राकृतिक रूप से जनसंख्या के लिए एक देश में 2.1 बेबी प्रति महिला होना चाहिए। हालांकि कई विकसित देशों में यह दर कम है।

सिंगापुर की अर्थव्यस्था को बड़ा झटका
वहीं यूरोपीय देशों में युवाओं के एक सर्वे में पाया गया कि युवाओं का एक बड़े हिस्से ने बच्चा पैदा करने के लिए अपनी योजनाओं को या तो स्थगित कर दिया है या फिर कैंसल। यह खासकर उन देशों में देखने को मिला है। जहां जन्म दर पहले से ही बहुत कम है, जैसे कि इटली और स्पेन। महामारी में बड़े पैमाने पर सफल स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के बाद भी सिंगापुर की अर्थव्यस्था को बड़ा झटका लगा है।












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