मां शादी की तैयारी कर रही थी, बेटा तिरंगे में लिपटकर आया घर, अंतिम यात्रा में जुटा पूरा गांव
नई दिल्ली। पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले शहीद मनजिंदर सिंह का शव गुरुवार को जब उनके गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। मजिंदर सिंह की मां को रो रो कर बुरा हाल था। मजिंदर की हाल ही में शादी तय हुई थी। उनकी मां घर में शादियों की तैयारियों में जुटी हुई थी कि इसी बीच खबर आई कि उनका बेटा कश्मीर घाटी में घुसे आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गया।

कुलगाम में हुए शहीद
20 वर्षीय मजिंदर सिंह की करीब ढाई साल पहले सिख रेजीमेंट में नौकरी लगी थी। मजिंदर सिंह जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में देश को अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस बीच उनके परिजों ने उनकी शादी तय कर दी। मजिंदर छुट्टी लेकर शादी में घर आते इससे पहले 14 नवंबर 2017 को वह कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। शहीद की मौत खबर सुनकर उनकी मां लगातार रोए जा रही हैं।

मुखाग्नि देते ही बेहोश हुए पिता
गुरुवार को जब शहीद मजिंदर सिंह का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा तो उनकी मां ने अपने बेटे को सेहरा पहनते हुए देखने की अधूरी इच्छा जाहिर की तो उससे सुनकर सभी की आंखे नम हो गई। शहीद की चिता को आग देने के बाद उनके पिता बेसुध होकर गिर पड़े जिन्हें गांव वालों ने किसी तरह संभाला। शहीद की अंतिम यात्रा में डीएम, एसपी, स्थानीय विधायक समेत पूरा गांव शामिल था।

पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा
सेना में भर्ती होने से पहले मजिंदर सिंह कबड्डी और कुश्ती खेला करते थे। कबड्डी में मजिंदर सिंह राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके थे। गांव के सरंपच ने बताया कि जिस दिन शहीद की मौत की खबर आई उस दिन पूरे गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला। शहीद अपने पीछे अपने बुजुर्ग मां-पिता को छोड़ गया है। शहीद मजिंदर सिंह के बड़े भाई भी आर्मी जवान है। अब परिवार चलाने की सारी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है।












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