सिद्धारमैया को विश्वास मत जीतने का भरोसा, बोले- बीजेपी को अपने विधायकों पर ही भरोसा नहीं
बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया को सदन में फ्लोर टेस्ट जीतने का भरोसा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत है इसलिए विश्वास मत की मांग की है। दरअसल, 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य की कुमारस्वामी सरकार के सामने सियासी संकट पैदा गया है। जबकि शुक्रवार को इस सियासी उठापटक के बीच सीएम एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा स्पीकर के आर रमेश कुमार से बहुमत साबित करने की इजाजत मांगी थी।

बीजेपी डर रही है- सिद्धारमैया
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि बीजेपी शक्ति परीक्षण से डर रही है, क्योंकि उन्हें अपने विधायकों पर ही भरोसा नहीं है। सिद्धारमैया ने कहा, 'हमें विश्वास है, इसलिए शक्ति परीक्षण की मांग की है। बीजेपी डर रही है क्योंकि उनको अपने विधायकों पर ही भरोसा नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी के विधायक भी खुश नहीं हैं।'

कुमास्वामी ने सदन में बहुमत साबित करने की मांगी थी इजाजत
शुक्रवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य में जो राजनीतिक उठापटक चल रही है, उसके मद्देनजर वो सदन में बहुमत साबित करना चाहते हैं। ऐसे में वो इसके लिए स्पीकर की इजाजत चाहते हैं। उन्हें इसके लिए समय दिया जाए। कुमारस्वामी ने कहा कि वो इसी सत्र में बहुमत साबित करना चाहते हैं। दरअसल, 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद बीजेपी दावा कर रही है कि कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में हैं, और सीएम को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

कर्नाटक में जारी है सियासी उठापटक
कर्नाटक में बीते करीब दो हफ्ते से भारी राजनीतिक उठापटक देखने को मिल रही है। जेडीएस-कांग्रेस के 16 विधायकों पहले पद से इस्तीफा दिया और फिर स्पीकर के इसे स्वीकारने में देरी की बात कहते हुए सुप्रीम कोर्ट चले गए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो सुनवाई हो चुकी हैं और अगले मंगलवार को फिर से सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मामले में यथास्थिति बनाए रखने को कहा था। ऐसे में स्पीकर ना ही किसी विधायक का इस्तीफा स्वीकार कर सकते हैं और ना ही उनको अयोग्य ठहरा सकते हैं।












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