अंतरिक्ष से सामने आई शुभांशु शुक्ला की दूसरी वीडियो, हवा में तैरता दिखा Zero-G हंस 'जॉय'
Shubhanshu Shukla space video: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom मिशन-4 के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर सफल यात्रा की है। इस ऐतिहासिक मिशन में वे एकमात्र भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं। मिशन के तहत लॉन्च की गई SpaceX Dragon स्पेसक्राफ्ट 25 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे अमेरिका के Kennedy Space Center से रवाना हुई।
अंतरराष्ट्रीय दल में शुक्ला के साथ अमेरिका की पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन (मिशन कमांडर), पोलैंड के स्लावोस्ज उज़्नान्स्की-विस्निएव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू भी शामिल हैं।

'Joy' हंस के खिलौने में छुपा इंडियन फिलॉसफी
मिशन के दौरान लाइव वेबकास्ट में बोलते हुए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने साथ अंतरिक्ष में लाए गए सफेद हंस के सॉफ्ट टॉय को दुनिया के सामने पेश किया। उन्होंने खिलौने को "Joy" नाम दिया और कहा, "हमने आपको Joy और Grace दिखाई। यह सिर्फ एक प्यारा हंस नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति में इसका गहरा प्रतीकात्मक अर्थ है। हंस ज्ञान का प्रतीक होता है। उसमें यह क्षमता होती है कि वह सही और गलत, आवश्यक और अनावश्यक के बीच भेद कर सके। इसलिए यह सिर्फ Zero-G इंडिकेटर नहीं, बल्कि एक गहरी सांस्कृतिक भावना है।"उनका यह वक्तव्य एक भावुक क्षण था जब एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने पूरी दुनिया के सामने भारतीय प्रतीकों और मूल्यों की महत्ता को साझा किया। उन्होंने यह भी कहा कि पोलैंड, हंगरी और भारत - तीनों देशों की संस्कृतियों में प्रतीकात्मकता का गहरा महत्व है।
क्या होता है Zero-G Indicator?
जब कोई अंतरिक्ष यान धरती की कक्षा में पहुंचता है और microgravity यानी लगभग शून्य गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में आता है, तब यान के भीतर की हर वस्तु हवा में तैरने लगती है। यह स्थिति यह दर्शाती है कि अंतरिक्ष यान अब Zero Gravity में प्रवेश कर चुका है।
Zero-G Indicator एक छोटा खिलौना या ट्रिंकेट होता है जिसे अंतरिक्ष यात्री अपने यान में रखते हैं। जैसे ही वह वस्तु तैरने लगती है, यह एक संकेत होता है कि अब पूरा यान गुरुत्वाकर्षण से मुक्त हो चुका है। इस बार, शुक्ला के Zero-G Indicator के रूप में 'हंस' का चुनाव, भारतीय संस्कृति और विज्ञान के संयोजन का सुंदर उदाहरण बन गया।
क्या है Axiom-4 मिशन?
Axiom Mission-4 (Ax-4) अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी Axiom Space का मानव अंतरिक्ष मिशन है, जिसे NASA और SpaceX के सहयोग से लॉन्च किया गया है। यह मिशन ISS पर दस दिनों तक अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैज्ञानिक अनुसंधान और व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम देगा।
Axiom Space का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रा का निजीकरण और व्यापक नागरिक और व्यावसायिक पहुंच को संभव बनाना है। इस मिशन के जरिये Axiom Space, मानव अंतरिक्ष उड़ानों के भविष्य को सरकारी एजेंसियों से आगे ले जाकर निजी क्षेत्र के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा न केवल भारत के लिए एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि संस्कृति, प्रतीक और आत्मबोध के लिहाज से भी एक प्रेरणास्पद कहानी है। अंतरिक्ष में उड़ता हुआ 'हंस' भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की प्रतीकात्मकता को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है।
विज्ञान के साथ संस्कृति की उड़ान
जब अंतरिक्ष वैज्ञानिक भारत का झंडा लेकर ISS तक पहुंचते हैं और वहां 'Joy' नामक हंस के माध्यम से ज्ञान और विवेक का संदेश देते हैं, तब यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं रह जाती - यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक सोच का अनोखा संगम बन जाता है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह अंतरिक्ष यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देती है कि जहां विज्ञान हो, वहां संस्कृति भी साथ चल सकती है - और भारत इसका जीवंत उदाहरण है।












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