Shubhanshu Shukla को अंतरिक्ष यात्रा के लिए कितने पैसे मिलेंगे? जवाब जान दांतों तले दबा लेंगे उंगली
Shubhanshu Shukla Space mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 3 और अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रवाना हो गए हैं। पहले 10 जून को फ्लोरिडा नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से एक्सिओम स्पेस से रवाना होने वाले थे। खराब मौसम की वजह से 15 दिन बाद अंतरिक्ष दल रवाना हो सका है। नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से यह अंतरिक्ष जाने वाली यह चौथी मानव अंतरिक्ष उड़ान है। इस दल के लगभग 28 घंटे की उड़ान के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचने की संभावना है। जानें इस मिशन के लिए भारत कितना खर्च कर रहा है और क्या शुभांशु शुक्ला को भी इसके लिए कोई राशि मिलेगी?
Shubhanshu Shukla की अंतरिक्ष यात्रा क्यों खास?

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शुभांशु शुक्ला के जिम्मे होंगे 7 अहम परीक्षण
इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन ने कहा, 'हम अपने 4 अंतरिक्ष यात्रियों को पिछले एक साल से जीरो ग्रैविटी में रहने के लिए ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके अलावा, उन्हें दूसरे जरूरी प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। मिशन गगनयान जो कि 2027 में लॉन्च होगा उसका इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल हम गगनयान प्रोजेक्ट के पहले की तैयारियों में लगे हैं। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अभी बतौर एस्ट्रोनॉट इस मिशन पर जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह 7 अहम परीक्षण कर पाएंगे। इसके अलावा, 5 और परीक्षण वह नासा के साथ मिलकर करेंगे।'
Shubhanshu Shukla को कितने पैसे मिलेंगे?
इस मिशन के लिए शुभांशु शुक्ला को वेतन या भत्ते के तौर पर कोई अतिरिक्त राशि नहीं मिल रही है। हालांकि, भारत ने इस मिशन के लिए 548 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस रकम में शुभांशु के प्रशिक्षण और वैज्ञानिक शोध से जुड़े दूसरे खर्चे शामिल हैं। भारत के लिए यह मिशन महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नए अनुसंधान के लिए यह बेहद अहम परियोजना साबित हो सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि भारत भविष्य में मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उस अनुभव के लिहाज से यह अहम मिशन है।
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शुभांशु शुक्ला वायु सेना के कुशल पायलट में शुमार
मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले 39 साल के शुभांशु शुक्ला की कहानी बेहद खास है। उनके पिता यूपी सचिवालय में मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत हुए हैं। परिवार के मर्जी के खिलाफ जाकर उन्होंने एनडीए ज्वाइन किया था। 17 जून 2006 को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दल में शुभांशु शामिल हुए थे। शुभांशु के पास लड़ाकू विमान उड़ाने का बेहतरीन अनुभव है। उनके पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, जगुआर और हॉक जैसे विमानों पर 2000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।












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