OI Exclusive: Shubhanshu Shukla ने कैसे तय किया NDA से एस्ट्रोनॉट का सफर? मां ने बताई पूरी जर्नी की हकीकत
Axiom Mission-4 Pilot Shubhanshu Shukla Interview: आज भारत इतिहास रचने जा रहा है क्योंकि भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अमेरिका के फ्लोरिडा से Axiom Space Mission-4 के तहत SpaceX Dragon से ISS (International Space Station) की यात्रा पर निकलेंगे। ये वो पल होगा जब लखनऊ का ये लाल पूरे भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर देगा।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मिशन के पीछे की असली कहानी कितनी साधारण, और उतनी ही अद्भुत है? Oneindia Hindi Exclusive में शुभांशु शुक्ला की मां, पिता और बहन ने खास बातचीत की। आइए जानते हैं, Lucknow की गलियों से उठकर अंतरिक्ष तक पहुंचने वाले इस सपूत की इंस्पायरिंग जर्नी....

NDA से SpaceX तक की ये रोचक यात्रा, 6 सवालों में छिपा है पूरी जर्नी का सार...
सवाल: शुभांशु के Astronaut बनने की खबर सबसे पहले आपको कब और कैसे पता चली?
मां आशा शुक्ला (खुशी जाहिर करते हुए) बताती हैं कि 28-29 जुलाई 2024 की बात है। हमें फोन पर बताया गया कि शुभांशु का चयन हो गया है। हम तो हैरान रह गए... खुशी से रो पड़े थे। 2 अगस्त को वह ट्रेनिंग के लिए अमेरिका रवाना हो गया। सब बहुत तेजी से हुआ, जैसे राम जी खुद रास्ता बना रहे हों।
सवाल-1: क्या बचपन से ही स्पेस जाने का सपना था?
आशा जी बताती हैं कि नहीं, कोई ऐसा सपना नहीं था। वो तो NDA गया, फिर एयरफोर्स में सिलेक्शन हुआ। वहां से टेस्ट पायलट बना। उसके बाद इसरो में चुना गया और फिर ये मौका आया। भगवान की कृपा रही, उसने बस मेहनत की और हर मोड़ पर सफलता मिलती गई।
सवाल-2: शुभांशु अंतरिक्ष में क्या लेकर जाएगा?
बहन सुचि शुक्ला ने बताया कि वो भारतीयता की झलक लेकर जाएगा। भारतीय खाने, योगासन और कुछ धार्मिक प्रतीकों को साथ ले जाने की तैयारी है। मां कहती हैं कि 'रामचरितमानस की एक चौपाई' लेकर जाना न भूले!"
सवाल-3: पढ़ाई-लिखाई में कैसे थे शुभांशु?
सुचि शुक्ला (बहन) बताती हैं कि एकदम टॉपर टाइप! CMS स्कूल, अलीगंज (लखनऊ) से 12वीं पास की थी। पढ़ाई में उसका मुकाबला करना नामुमकिन था। कैप्टन होने से पहले ही वो 'कैप्टन' लगता था - शांत, फोकस्ड और सुपर स्मार्ट।
सवाल-4: अब जब वह 14 दिन अंतरिक्ष में रहेगा, डर तो लगता होगा?
मां आशा (धैर्य के साथ) कहती हैं कि नहीं, किसी तरह का कोई डर नहीं है। मैंने उसे राम पर विश्वास रखना सिखाया है। रामचरितमानस की चौपाई है - 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा।' अब सब उसी पर छोड़ा है।
सवाल-5: क्या सरकार या नेताओं से कोई संदेश मिला?
आशा शुक्ला ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ जी की ओर से शुभकामना संदेश मिला। उन्होंने ट्विटर पर भी बधाई दी कि - 'प्रभु श्रीराम की धरती से अंतरिक्ष की ओर!' वो संदेश पढ़कर आंखें भर आईं।
सवाल-6: स्पेस मिशन की तैयारी क्या?
24 मई से शुभांशु क्वारंटाइन में हैं। मिशन से पहले की अंतिम ट्रेनिंग और चेकअप फ्लोरिडा में चल रहा है। हालांकि, इसकी जानकारी हमें नहीं है।
Shubhanshu Shukla Family Tree: परिवार में कौन-कौन?
- पिता: शंभू दयाल शुक्ला (2013 में सचिवालय से रिटायर्ड)
- मां: आशा शुक्ला, गृहिणी
- बहनें: निधि शुक्ला (बड़ी), सुचि शुक्ला (छोटी)
- पत्नी: कामना, प्रोफेशन से डेंटिस्ट
- बेटा: 6 साल का, जो अभी यही पूछता है - 'पापा चांद पर कब जाओगे?'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई
शुभांशु की मां ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से 28 मई की शाम ही बधाई का संदेश आया था। उधर, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम की धरती से अंतरिक्ष की ओर! उत्तर प्रदेश के लाल, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ल को ऐतिहासिक #Axiom4 अंतरिक्ष मिशन के लिए चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएं! वह अब इतिहास रचने जा रहे हैं-भारत के सपनों को लेकर अंतरिक्ष की यात्रा पर निकलेंगे। यह हर भारतीय और उत्तर प्रदेश के हर परिवार के लिए गर्व का क्षण है।
Axiom Mission-4 के बारे में जरूरी बातें
- लॉन्च डेट: 8 जून 2025
- कहां से लॉन्च: फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से
- मिशन: Axiom-4 (SpaceX Dragon से ISS यात्रा)
- शुभांशु का रोल: पायलट
- Axiom Mission की साझेदारी: NASA + ISRO
क्या है Axiom Mission-4?
Axiom Mission-4 (Ax-4) एक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन है, जिसे Axiom Space द्वारा NASA और SpaceX के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह मिशन 8 जून 2025 को अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने वाला है। इस मिशन की खास बात यह है कि इसमें भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पायलट के रूप में शामिल होंगे, जो भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री होंगे जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जाएंगे।
क्या है Axiom Mission-4 का मकसद?
Ax-4 मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इस मिशन के तहत 31 देशों के लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से 7 प्रयोग भारत के होंगे। इन प्रयोगों में अंतरिक्ष में पौधों की वृद्धि, माइक्रोग्रैविटी में मांसपेशियों की पुनर्जनन क्षमता, और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित अध्ययन शामिल हैं।
Axiom Mission-4 भारत के लिए क्यों है जरूरी?
भारत के लिए यह मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ISRO के गगनयान मिशन की तैयारी का हिस्सा है। Ax-4 मिशन के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करेंगे, जो भविष्य में भारत के स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष मिशनों के लिए उपयोगी होगा। इसके अलावा, शुभांशु शुक्ला इस मिशन के दौरान भारतीय छात्रों के साथ लाइव इंटरएक्शन भी करेंगे, जिससे युवा पीढ़ी में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी। कुल मिलाकर, Axiom Mission-4 भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुभव साझा करने का भी अवसर प्रदान करेगा।












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