कौन है श्रीकांत पुजारी? जिन्हें बाबरी विध्वंस से जुड़े केस में किया गया था गिरफ्तार, 31 साल बाद मिली जमानत
बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद दंगों में कथित संलिप्तता में गिरफ्तार किए गए श्रीकांत पुजारी को 31 साल बाद यानी आज जमानत मिल गई है। कनार्टक की एक कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
कोर्ट से जमानत मिलने से पहले, श्रीकांत के वकील, संजीव बडसाका ने बताया कि कल बहस हुई, हमने कोर्ट के समक्ष बहुत अच्छी तरह से आश्वस्त किया। मामले को आदेश के लिए आज के लिए पोस्ट किया गया था। अगर, कोर्ट हमारे पक्ष में आदेश पारित करता है, तो उसे कल शाम को रिहा किया जा सकता है।

खास बात यह है कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हो रहा है। इस समारोह से 17 दिन पहले कोर्ट ने श्रीकांत पुजारी के हक में फैसला सुनाया है। आइए जानते हैं कौन है ये पुजारी?
बात 5 दिसंबर 1992 की है। कर्नाटक के हुबली में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद दंगे हुए। जिसमें एक दुकान पर आगजनी हुई। मसले में हुबली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसमें श्रीकांत पुजारी भी शामिल रहे। कथित रूप से पुजारी को कारसेवक बताया गया था। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों में पुजारी का नाम कारसेवक के रूप में दर्ज नहीं है। पुलिस अन्य 8 आरोपियों की अभी भी तलाश कर रही है। पुलिस का दावा है कि 1992 और 1996 के बीच हुए सांप्रदायिक दंगों में ये शामिल थे।
कर्नाटक के गृह मंत्री ने ठहराया गुनहगार
कर्नाटक के गृह मंत्री परमेश्वर ने जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि श्रीकांत पुजारी के खिलाफ करीब 16 मुकदमे दर्ज हैं। यह कोई कारसेवक नहीं है। वो सिर्फ एक आरोपी है। बीजेपी को पता नहीं क्या हो गया है।












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