Shraddha Walkar case : आरोपी आफताब की जान को खतरा ! दिल्ली पुलिस ने लगाए अतिरिक्त जवान, बदले जा रहे लॉकअप
Shraddha Walkar case के आरोपी आफताब पूनावाला की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस कड़ी मशक्कत कर रही है। Shraddha Walkar case Aaftab Poonawala safety concern Delhi Police extra jawan Different lock ups
Shraddha Walkar case के हत्यारोपी आफताब पूनावाला की सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। नृशंस हत्याकांड की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आफताब के खिलाफ आक्रोश है। लोग धमकियां दे रहे हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है। आफताब के लॉकअप बदले जा रहे हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं को दूर किया जा सके। आक्रोश के कारण मीडिया और सामान्य लोगों के बेधड़क मेहरौली थाने में आने पर रोक लगाई गई है। और भी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।

अलग-अलग लॉकअप, अतिरिक्त पुलिसकर्मी की रणनीति
लिव इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर की हत्या के बारे में जैसी रिपोर्ट्स अब तक सामने आई हैं, इनसे जनता के बीच आक्रोश पनप रहा है। आफताब की जान को खतरा बताया जा रहा है। खतरों के आलोक में आफताब की सुरक्षा के लिए अलग-अलग लॉकअप, अतिरिक्त पुलिसकर्मी की रणनीति अपनाई जा रही है।

सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस कर रही कड़ी मशक्कत
गौरतलब है कि आम लोगों के साथ - ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धार्मिक संगठनों की ओर से आफताब पूनावाला को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की जा रही है। दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगहों पर विरोध मार्च निकाले जा रहे हैं। दिल्ली के साकेत अदालत में गुरुवार को एक समूह के वकीलों द्वारा हंगामा किया गया। इसी समय पूनावाला को पेश किया जा रहा था। ऐसे में दिल्ली पुलिस हत्या के आरोपी आफताब को कानूनी सजा दिलाने तक सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।

तीन महीने तक शव फेंकता रहा
बता दें कि आफताब पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूनावाला ने कथित तौर पर अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शरीर को छत्तरपुर पहाड़ी के पास किराए के फ्लैट में 35 टुकड़ों में काटने के बाद तीन महीने तक बॉडी पार्ट्स को डिस्पोज करता रहा। पुलिस ने कहा है कि आफताब ने पूछताछ के दौरान दक्षिण दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर तीन महीने में शरीर के टुकड़े फेंकने की बात कबूल की है।

सबूत तलाश रही है दिल्ली पुलिस
श्रद्धा वॉकर मामले में हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि हत्या के आरोपी पूनावाला को दक्षिण दिल्ली के विभिन्न पुलिस स्टेशनों और अन्य स्थानों पर रखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जब उसे सड़कों पर या जंगलों में ले जाया जाता है, तो अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाते हैं ताकि जांच दल को सबूत बरामद करने में सहायता मिल सके। वॉकर के शरीर के टुकड़े, हत्या के बाद शव के टुकड़े करने में इस्तेमाल किया गया हथियार जैसे सबूतों की तलाश की जा रही है।

पुलिस को सुरक्षा की चिंता क्यों
अधिकारियों ने कहा कि रात के समय थानों के लॉकअप के बाहर कुछ पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाता है और हिरासत में उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए जाते हैं। पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में अर्जी दायर कर और पूनावाला की पुलिस हिरासत बढ़ाने के संबंध में उनके दूसरे आवेदन पर सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की अनुमति मांगी। अपने सबमिशन में, पुलिस ने उल्लेख किया कि यह मामला संवेदनशील है क्योंकि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं और पूनावाला को अदालत में शारीरिक रूप से पेश किए जाने पर "धार्मिक समूहों और बदमाशों द्वारा हमला" किया जा सकता है।

आफताब पर अटैक की आशंका
जब वर्चुअल पेशी के लिए पुलिस के आवेदन पर बहस चल रही थी, साकेत में कोर्ट रूम के बाहर सैकड़ों वकीलों ने पूनावाला के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, न्यायाधीश ने पुलिस की दलीलों पर सहमति जताई और सुनवाई को वर्चुअली आयोजित किया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि खुफिया जानकारी पुलिस के साथ साझा की गई थी कि पूनावाला पर उनके सांप्रदायिक प्रचार के हिस्से के रूप में एक भीड़ या कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया जा सकता है। इसके बाद, तलाशी अभियान के दौरान पूनावाला और जांच दल के साथ गए समूह में और पुलिसकर्मियों को जोड़ा गया। सरकारी अस्पताल में उनकी चिकित्सा जांच जैसी अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया।

अलग-अलग जगहों पर रख रही दिल्ली पुलिस
श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में सामने आ रही जानकारी की पुष्टि और अदालत के माध्यम से आरोपी आफताब को कड़ी सजा मिले ये सुनिश्चित करने के लिए आफताब की सुरक्षा अहम है। ऐसे में हत्या के आरोपी आफताब को सुरक्षित रखने के लिए पूनावाला को तलाशी अभियान के लिए छतरपुर और दक्षिणी दिल्ली के अन्य स्थानों पर ले जाने के बाद बुधवार शाम को मालवीय नगर थाने में रखा गया। एहतियात के तौर पर पुलिस गुरुवार की सुबह आफताब को उसी जंगल में ले गई। शाम को उसे छतरपुर में अज्ञात स्थान पर रखा गया जहां उससे पूछताछ की गई। रात में उसे वापस महरौली थाने लाया गया।

महाराष्ट्र से दिल्ली तक आक्रोश
शुक्रवार को, अधिकारियों की टीम पूनावाला के साथ पुलिस स्टेशन से जल्दी रवाना हुई। श्रद्धा के शरीर के और हिस्सों को बरामद करने के लिए उसे गुरुग्राम के एक जंगली इलाके में ले जाने के दौरान उसे अलग-अलग वाहनों से ले जाया गया। मीडियाकर्मियों समेत कुछ आम लोगों के जंगल के बाहर जमा होने के कारण पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों को तुरंत जंगल से हटाया गया। आफताब को जंगल से लगभग एक किलोमीटर दूर गुरुग्राम में एक सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। पुलिस अधिकारी ने बताया गुरुवार को अदालत में हंगामे के बाद और सोशल मीडिया के साथ-साथ दिल्ली में निकाले गए एक मार्च और महाराष्ट्र में अलग-अलग कार्यक्रमों में आफताब को फांसी देने की मांग के मद्देनजर, पुलिस अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।

मीडिया के थाने में आने पर रोक
बता दें कि पूनावाला को शनिवार (12 नवंबर) को महरौली पुलिस स्टेशन की टीम ने गिरफ्तार किया था। मामले की कवरेज के लिए मीडियाकर्मियों सहित किसी के भी थाने आने पर कोई रोक नहीं थी। लेकिन मंगलवार को जब इस मामले ने तूल पकड़ा और लोगों ने खासकर पूनावाला के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करना शुरू कर दिया तो पुलिस सतर्क हो गई। महरौली थाने के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया और मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया। थाने के बाहर का इलाका खचाखच भरा रहा क्योंकि लोग पूनावाला की एक झलक पाने और मामले की जानकारी लेने के लिए आने लगे।












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