आप की जीत पर शिवसेना ने अरविंद केजरीवाल के लिए कही बड़ी बात, भाजपा पर कसा तंज
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने जिस तरह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की उसके बाद शिवसेना ने आप के प्रचार अभियान की तारीफ की है। शिवसेना ने आम आदमी पार्टी द्वारा अपने काम पर केंद्रित चुनाव प्रचार की तारीफ करते हुए कहा कि आप के इस शानदार चुनाव प्रचार की वजह से ही उसे दिल्ली में इतनी बड़ी जीत मिली। भारतीय जनता पार्टी लगातार ध्रुवीकरण की कोशिश में लगी रही, लेकिन देश की राजधानी के मतदाताओं को भाजपा की यह कोशिश रास नहीं आई और उन्होंने आम आदमी पार्टी को जमकर वोट दिया।

असाधारण जीत है
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए शिवसेना ने कहा कि उन्होंने अकेले ही तमाम मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय नेताओं और भाजपा नेताओं की सेना का मुकाबला किया। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए शानदार काम को केजरीवाल ने लोगों के सामने बखूबी पेश किया। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में आप की जीत की तारीफ करते हुए कहा कि यह जीत असाधारण है क्योंकि भारत में आमतौर पर चुनाव भावनात्मक मुद्दे पर लड़े जाते हैं, लेकिन आप ने दिल्ली का चुनाव काम के दम पर लड़ा।

एक जीत के लिए तरह रहे शाह
भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए संपादकीय में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी की जीत उस सोच की हार जो कहती है कि हम जो करें वही सही। जिस तरह से पहले देश की वित्तीय राजधानी महाराष्ट्र में भाजपा को हार मिली, शिवसेना का मुख्यमंत्री बना और अब दिल्ली के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मुंह की खानी पड़ी वह अमित शाह के लिए काफी दुखभरा होगा। भाजपा की अध्यक्षता छोड़ने के बाद अमित शाह भाजपा की एक जीत के लिए तरस रहे हैं। बता दें कि 11 फरवरी को आए नतीजों में आम आदमी पार्टी को 62 सीटों पर जीत मिली है। जबकि भाजपा के खाते में सिर्फ 8 सीटें ही आई हैं।

ध्रुवीकरण की कोशिश नाकाम
सामना में लिखा गया है कि भाजपा ने दिल्ली में अपने तमाम सांसदों, विधायकों और मुख्यमंत्रियों की फौज को चुनाव प्रचार के लिए उतार दिया, लेकिन बावजूद इसके अरविंद केजरीवाल उन सबपर अकेले ही भारी पड़ गए। यह घमंड और उस रवैये की हार है जो कहता है कि हम करें सो कायदा बाकी सब गलत। भाजपा ने अपने चुनााव प्रचार को शाहीन बाग, हिंदू मुस्लिम, सीएए पर ही आधारित रखा और मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के लोगों ने ऐसा नहीं होने दिया। लोगों ने जमकर अरविंद केजरीवाल के पक्ष में वोट किया।












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