अपने ही परिवार को शिवपाल देंगे चुनौती, 2019 में इस सीट से चुनाव लड़ने का किया ऐलान
नई दिल्ली। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब वह अपने ही बड़े भाई रामगोपाल यादव के बेटे को आगामी लोकसभा चुनाव में चुनौती देने के लिए तैयार हैं। लोकसभा चुनाव के लिए शिवपाल यादव ने खुद की संसदीय सीट का ऐलान कर दिया है। शिवपाल सिंह आगामी लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद सीट से लड़ेंगे। आपको बता दें कि मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी के नेता और रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव इस सीट से सांसद हैं। शनिवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शिवपाल ने सपा और बसपा पर जमकर निशाना साधा।

आखिर कैसे मायावती अखिलेश की बुआ
शिवपाल यादव ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मायावती को बुआ कहते हैं, लेकिन जब मुलायम सिंह यादव ने कभी मायावती को अपनी बहन कहा ही नहीं तो आखिरकार कैसे अखिलेश मायावती को अपनी बुआ मानते हैं। शिवपाल ने कहा कि ना तो कभी नेताजी ने ना मैंने मायावती को अपनी बहन बनाया, तो आखिर वह कैसे अखिलेश की बुआ हो गईं।
सपा-बसपा गठबंधन
आपको बता दें कि सपा और बसपा के बीच गठबंधन के ऐलान को बुआ-भतीजा गठबंधन भी कई बार कहा जाता है, दोनों ही दलों के बीच गठबंधन के बाद से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है, हालांकि कांग्रेस की पारंपरिक सीट अमेठी और रायबरेली को खाली छोड़ दिया गया है।
सपा गुंडों की पार्टी
सपा-बसपा गठबंधन पर हमला करते हुए शिवपाल ने कहा कि एक बार मायावती ने सपा को गुंडों की पार्टी कहा था और मुलायम सिंह यादव को गुंडों का सरदार। शिवपाल ने कहा कि देश की अगली सरकार बिना हमारी पार्टी के गठबंधन के नहीं बन सकती है। उन्होंने कहा कि 2019 में हमारी पार्टी के समर्थन के बिना सरकार नहीं बन सकती है और 2022 में पीएसपीएल खुद प्रदेश में अपनी सरकार का गठन करेगी।
पापा-चाचा को दिया धोखा
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि अखिलेश ने ना सिर्फ मुझे धोखा दिया है बल्कि उन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को भी धोखा दिया है। आखिर हम ऐसे व्यक्ति पर कैसे भरोसा कर सकते हैं जिसने अपने पिता और चाचा को धोखा दिया है। गौरतलब है कि आगामी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा ने 3-38 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। मायावती ने ऐलान किया था कि दोनों ही पार्टियां अमेठी मे राहुल गांधी और रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगी।












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