नरेंद्र मोदी सरकार से बाहर होगी शिवसेना
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अब तय है कि महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना की राहें अलग होने जा रही है। दरअसल, कल महाराष्ट्र विधानसभा में जो कुछ हुआ और शिवसेना ने विपक्ष के विपक्ष में बैठने के बाद केंद्र में दोनों का साथ कभी भी टूट सकता है। दरअसल, अब शिवसेना के पास केंद्र सरकार में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

मोदी सरकार में अभी शिवसेना से अनंत गीते भारी उद्योग मंत्री हैं। कहा जा रहा है कि गीते मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे। इसी आशंका को देखते हुए इस मंत्रालय के राज्य मंत्री जीएम सिद्देश्वरा को पूरी तरह तैयारी करने को कहा गया है।
संकट एनडीए के लिए
जानकारों ने बताया कि राज्यसभा में एनडीए का बहुमत अभी भी नहीं है। अब शिवसेना के बिना विशेष स्थितियों में दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में भी एनडीए अल्पमत में आ जाएगा। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली से पूरे हालात पर खुद नजर रखी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सारी स्थितियों से अवगत करा दिया है। मोदी इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं। भाजपा की कोशिश है कि शिवसेना खुद केंद्र में भी उससे अलग हो जाए, ताकि गठबंधन तोड़ने का ठीकरा उसके सिर न फूटे।
माना जा रहा है कि मोदी के स्वदेश लौटने के बाद शिवसेना को लेकर कोई फैसला हो जाएगा। फिलहाल तो भाजपा और शिवसेना दोनों एक भी इंच अपने स्टैंड से हटने के लिए तैयार नहीं हैं। जानकार मान रहे हैं कि कमी दोनों स्तरों पर हुई है। अगर आज प्रमोद महाजन जैसा नेता भाजपा में होता और बाल ठाकरे जीवित होते तो हालात इतने ना बिगड़ते।












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