शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा चंद्रयान-2 भले ही चूक गया, लेकिन ठाकरे परिवार का सूरज आदित्य.......
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नई दिल्ली- शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को लेकर को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए ठाकरे परिवार का सूरज मंत्रालय की छठी मंजिल तक पहुंचकर रहेगा। बता दें कि इस मंजिल पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का कार्यालय है। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने अपने पिता से किए वादे को याद कर कहा था कि शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनाना है। इस बीच पार्टी ने आदित्य ठाकरे को मुंबई की सबसे सुरक्षित सीट वर्ली से प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। इसपर आदित्य ठाकरे ने भरोसा जताया है कि वर्ली से उनकी जीत जरूर होगी, क्योंकि उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं का आशीर्वाद प्राप्त है।

पहली बार चुनाव मैदान में ठाकरे परिवार
ऐसा पहली बार हो रहा है कि महाराष्ट्र में शिवसेना नेता बाल ठाकरे के परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़ रहा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को पार्टी ने मुंबई की वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया गया है। इस समय आदित्य ठाकरे शिवसेना के यूथ विंग युवा सेना के चीफ हैं। सोमवार को आदित्य ने खुद भी पार्टी के एक कार्यक्रम में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की और जीत का भरोसा भी जताया। इस मौके पर आदित्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने लिए आशीर्वाद मांगा। वे बोले कि 'मुझे अपनी जीत का भरोसा है, क्योंकि आप जैसे कार्यकर्ताओं का आशीर्वाद मेरे साथ है।' गौरतलब है कि उद्धव के बेटे के लिए वर्ली सीट से पार्टी के मौजूदा विधायक सुनील शिंदे को अपनी सीट छोड़नी पड़ रही है।

ठाकरे परिवार का सूरज आदित्य........
इस बीच आदित्य ठाकरे को लेकर पार्टी सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने बहुत बड़ा दावा कर दिया है। राउत ने आदित्य ठाकरे की तुलना सूरज से करते हुए कहा है कि, "कुछ तकनीकी गड़बड़ी की वजह से चंद्रयान-2 चंद्रमा पर लैंड नहीं कर सका, लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि 21 अक्टूबर को यह सूरज (आदित्य ठाकरे) मंत्रालय की छठी मंजिल (महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का दफ्तर) पर जरूर पहुंचेगा।" इससे पहले पार्टी प्रमुख उद्धव ने भी शनिवार को कहा था कि उन्होंने अपने पिता (बाल ठाकरे) को किसी शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। माना जा रहा है कि वर्ली सीट शिवसेना के लिए सबसे सुरक्षित सीट है, इसलिए उद्धव ने अपने बेटे के लिए उसी को चुना है।

कैसे पूरा होगा शिवसैनिकों का सपना?
बता दें कि शिवसेना नेता बाल ठाकरे ने 1966 में पार्टी बनाई थी, लेकिन उनके रहते या उनके बाद अबतक ठाकरे परिवार का कोई सदस्य कभी भी राजनीति के मैदान में नहीं उतरा और न ही परिवार का कोई सदस्य कोई संवैधानिक पद पर ही बैठा है। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे के चाचा राज ठाकरे ने चुनाव में भाग्य आजमाने की बात कही थी, लेकिन बाद में वे पीछे हट गए थे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हरियाणा के साथ ही 21 अक्टूबर को हो रहे हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है।












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