महाराष्ट्र की मस्जिदों से लाउडस्पीकर न हटाने पर भड़की मनसे, अल्टीमेटम के बाद संजय राउत को लेकर कही ये बात
नई दिल्ली, 16 अप्रैल। पिछले कुछ दिनों ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना के बीच जारी है। दोनों राजनीतिक दलों में अब पोस्टर वार शुरू गया है। मुंबई में शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के दफ्तर के बाहर मनसे की ओर से एक पोस्टर लगाया गया है, जिसमें शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत के एक बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है।

महाराष्ट्र की मस्जिदों में अजान को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सामना के कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में मराठी भाषा में लिखा है कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाया जाना चाहिए। पूरे महाराष्ट्र को इसके कारण समस्या हो रही है, वरना हम आपके लाउडस्पीकर को मनसे की शैली में बंद कर देंगे।
वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस विषय को लेकर एक पत्र लिखा गया है। जिसमें मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की गई है।
दरअसल, हाल में शिवसेना के मुख पत्र सामना में एक आर्टिकल छपा था, जिसमें मनसे प्रमुख राज ठाकरे को भाजपा का ओवैसी बताया गया था। एमएनएस को उत्तर प्रदेश में ओवैसी के एआईएमआईएम की तरह महाराष्ट्र में एक वोट काटने वाली पार्टी 'वोट कटवा' बताया गया था। मनसे प्रमुख राज ठाकरे महाराष्ट्र की मस्जिदों पर लाउडस्पीकर पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार सरकार को 3 मई तक राज्य में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को सुनिश्चित करने के लिए एक अल्टीमेटम दिया था। मनसे की ओर से कहा गया कि ऐसा नहीं होगा तो यह कहा जाएगा कि हनुमान चालीसा की ध्वनि वाले लाउडस्पीकर मस्जिदों के बाहर स्थापित किए गए हैं। इस पर सामना के संपादक संजय राउत की ओर से टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कहा था कि राज ठाकरे को भाजपा का लाउडस्पीकर कहा था।राज ठाकरे को केंद्रीय जांच एजेंसियों से माफी मिल गई है और वह भाजपा के लाउडस्पीकर बन गए हैं लेकिन लोग इसे बंद कर देंगे।












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