एकनाथ शिंदे पर डिप्टी सीएम बनने का किसने डाला दबाव? शिवसेना सुप्रीमो के 'मन' बदलने की इनसाइड स्टोरी
Maharashtra New Government: महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल होने के लिए काफी मान मनौव्वल की कोशिशें की गईं। वह बुधवार दिन तक इसके लिए तैयार नहीं थे। लेकिन, फिर जाकर खबर आई कि वह भी गुरुवार को फडणवीस के साथ शपथ लेंगे। दरअसल, इसके पीछे शिवसेना के नव-निर्वाचित विधायकों और नेताओं का बड़ा रोल है।
नवनिर्वाचित शिवसेना एमएलए पार्टी अध्यक्ष एकनाथ शिंदे से भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की आगामी सरकार में उपमुख्यमंत्री की भूमिका स्वीकार करने का लगातार आग्रह कर रहे थे। विधायक पिछले दो दिनों से शिंदे से मिल रहे हैं,जो वर्तमान में कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं, ताकि उन्हें नए प्रशासन में शामिल होने के लिए राजी किया जा सके।

शिवसेना का शिंदे पर दबाव
पूरे दिन विधायक शिंदे से मिलने के लिए निवर्तमान मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'वर्षा'पर गए। पार्टी के विधायक भरत गोगावले ने कहा,'हमने उनसे नई सरकार का हिस्सा बनने का आग्रह किया, क्योंकि इससे पार्टी और सरकार दोनों को फायदा होगा। हमें उम्मीद है कि वह हमारे अनुरोधों का सम्मान करेंगे।' एक अन्य नेता ने बताया कि सभी विधायक और सांसद शिंदे को नई सरकार में शामिल करने पर जोर दे रहे हैं।
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महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में 57 सीटें जीतने के बावजूद शिंदे करीब ढाई साल तक सीएम रहने के बाद डिप्टी सीएम बनने से हिचकिचा रहे थे। शिवसेना नेता उदय सामंत ने कहा,'एकनाथ शिंदे की इच्छा से ज़्यादा,हम-करीब 60-61 विधायक (निर्दलीय सहित) - चाहते हैं कि वह (शिंदे)सरकार में हमारा नेतृत्व करें। यह हमारा दृढ़ रुख है। इस पर कोई शक-शुबहा नहीं है।'
फडणवीस का भरोसा
देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह में एनसीपी नेता अजित पवार समेत दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। बाद में यह साफ हुआ कि शिंदे ने भी इसके लिए हामी भर दी है। दिन में उन्होंने इसके लिए शाम तक का वक्त भी दिया था।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण सतारा में अपने पैतृक गांव से लौटने के बाद वे ठाणे में रह रहे थे। इससे महायुति गठबंधन के भीतर अंदरूनी कलह की अटकलें लगाई जाने लगीं। फिर वे मंगलवार को मुंबई लौट आए।
बुधवार को राजभवन में भावी मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा था,'मैंने कल एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और उनसे कहा कि यह शिवसेना और महायुति दोनों की इच्छा है कि वह इस सरकार में हमारे साथ रहें। मुझे पूरा विश्वास है कि वह हमारे साथ होंगे।'
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शिवसेना के नेता शिंदे को फडणवीस प्रशासन में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिशें लगातार जारी रखे रहे। उनका मानना है कि उनके शामिल होने से उनकी पार्टी और राज्य के शासन दोनों को फायदा होगा।












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