'अगर सरकार चाहती तो आज की हिंसा को रोक सकती थी', ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा पर शिवसेना नेता संजय राउत
गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा दिल्ली में निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा पर विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा दिल्ली में निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा पर विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। हिंसा को लेकर शिवसेना के नेता संजय राउत ने भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला है।
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उन्होंने कहा,"क्या सरकार इसी दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी? सरकार ने आखीर तक लाखों किसानों की बात नहीं सुनी। ये किस टाईप का लोकतंत्र हमारे देश में पनप रहा है? ये लोकतंत्र नहीं भाई..कुछ और ही चल रहा है। जय हिंद" उन्होंने एक अन्य ट्वीट करते हुए कहा,"अगर सरकार चाहती तो आज की हिंसा रोक सकती थी। दिल्ली में जो चल रहा है उसका समर्थन कोई नहीं कर सकता। कोई भी हो लाल किले और तिरंगे का अपमान सहन नहीं करेंगे, लेकिन माहौल क्यूं बिगाड़ गया? सरकार किसान विरोधी कानून रद्द क्यूं नहीं कर रही? क्या कोई अदृश्य हात राजनीति कर रहा है? जय हिंद"
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इसी बीच, दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस दौरान अमित शाह ने गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से दिल्ली की कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। बैठक में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत जारी है।
गृह सचिव अजय भल्ला और दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव उच्च स्तरीय बैठक में मौजूद हैं। इस बैठक में अमित शाह को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आज हुए विस्फोटों के बारे में जानकारी दी गई। सूत्रों का कहना है कि बैठक में सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की जा सकती है। इसी बीच सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली और उसके सीमावर्ती इलाकों में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है।












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