शिवसेना ने दिए संकेत, महाराष्ट्र में भी नहीं लागू होगा CAA!
नई दिल्ली- नागरिकता संशोधन कानून पर शिवसेना अपने अबतक के रुख में बदलाव करती नजर आ रही है। क्योंकि, शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा है कि सीएए पर उनकी पार्टी का वही रुख है, जो बाकी सभी सहयोगी पार्टियों का है। बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और केरल की सरकारें साफ कर चुकी हैं कि उनके प्रदेशों में यह कानून लागू नहीं किया जाएगा।

शिवसेना नेता संजय राउत ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सोमवार को बहुत बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राउत ने महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार में शामिल तीनों पार्टियों के बारे में कहा है कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच सीएए को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां हर मुद्दों पर एकजुट हैं, जिसमें नागरिकता संशोधन कानून भी शामिल है। उन्होंने साफ कहा ,'कोई भी विवाद नहीं है और सभी पार्टियां सीएए समेत हर मुद्दे पर एकमत हैं.....'
राउत ने ये बयान उस दिन दिया है जब नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ ही दिल्ली में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों की एक बैठक हुई, जिसमें शिवसेना शामिल नहीं हुई। हालांकि, इसके लिए राउत ने दलील दी है कि 'थोड़ी गलतफहमी' की वजह से पार्टी बैठक में शामिल नहीं हो सकी।
हालांकि, इससे पहले शिवसेना के सांसद विनायक राउत ने कहा था कि उनकी पार्टी को बैठक में आने का कोई बुलावा ही नहीं मिला। उन्होंने कहा था, 'हमें बैठक में शामिल होने का अबतक कोई बुलावा नहीं मिला है। हम पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से विचार करने के बाद कोई निर्णय करेंगे।'
गौरतलब है कि शिवसेना ने नागरिकता सशोधन कानून बनने के बाद आधिकारिक तौर पर यही रुख अपना रखा है कि वो इसे लागू करने को लेकर कोई फैसला सुप्रीम कोर्ट का इसपर रुख देख लेने के बाद ही करेगी। यहां यह भी जान लेना जरूरी है कि नागरिकता संशोधन बिल को पास कराने में लोकसभा में शिवसेना ने भी सरकार का सहयोग दिया था और राज्यसभा में भी उसने बिल के विरोध में वोट न देकर सिर्फ मतदान का बायकॉट किया था।












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