भाजपा की नाक में दम करते रहेंगे बिहारी बाबू
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हालांकि बिहारी बाबू यानी शत्रुध्न सिन्हा से भाजपा लीडरशिप नाराज है क्योंकि वे लगातार पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे हैं। वे कभी नीतीश कुमार से मिलते हैं तो कभी याकूब मेमन को माफ करने की अपील करते हैं।
इसके बावजूद बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन पर कोई एक्शन होने की कोई संभावना नहीं है। भाजपा के सूत्रों ने बताया कि शत्रुध्न से पार्टी खफा तो है, पर अभी उन्हें इग्नोर किया जाता रहेगा। उन्हें तवज्जो नहीं दी जाएगी।
कोसा बिहारी बाबू को
मेमन के पक्ष में अपील करने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी उन्हें कोसा है। दरअसल,बिहार से भाजपा के दो सांसद मुंबई धमाकों के गुनहगार याकूब मेमन को फांसी दिए जाने को लेकर अलग-अलग राय रख रहे थे।
जहां शत्रुध्न सिन्हा मेमन की फांसी की सजा को माफ करने की अपील कर रहे थे, वहीं बिहार से राज्यसभा सांसद आर.के.सिन्हा मांग कर रहे थे कि मेमन को फांसी होनी चाहिए।
और आखिर भाजपा में पूछा जाने लगा शाहनवाज हुसैन को
आपको याद होगा कि पीएम मोदी के बीतेदिनों किए गए बिहार दौरे के दौरान भी शत्रुध्न सिन्हा को नहीं बुलाया गया। इससे वे काफी नाराज बताए जाते हैं। कहने वाले कहते हैं कि बिहारी नाराज इसलिए हैं क्योंकि मोदी ने अपनी कैबिनेट में जगह नहीं दी।
वे अपने करीबियों को कह रहे हैं कि जेपी आंदोलन के दौर से एक्टिव है राजनीति में। वे अपनी अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे। वे काफी खुद्दार किस्म के इंसान है।













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