प्रियंका गांधी को अध्यक्ष बनाने की ओर बढ़ रही है कांग्रेस ? 'कुदरत का करिश्मा' को संकेत समझें
नई दिल्ली- कांग्रेस में प्रियंका गांधी वाड्रा को अध्यक्ष बनाने की मांग अब गंभीरता की ओर बढ़ने लगी है। अब पार्टी के सांसद और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी ऐसी इच्छा जाहिर कर दी है। उनकी बातों में इसलिए भी दम लगता है क्योंकि वे केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं, जिस प्रदेश ने इसबार कांग्रेस को बहुत बड़ी कामयाबी दिलाई है। थरूर ने इसके अलावा भी पार्टी को कई सुझाव दे डाले हैं।

थरूर को प्रियंका में 'कुदरत का करिश्मा' दिखता है
थरूर को इस बात का डर सता रहा है कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर 'स्पष्टता की कमी' कांग्रेस के लिए बहुत ही नुकसानदेह साबित हो सकती है। थरूर ने उम्मीद जताई है कि जब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की घोषणा होगी तो प्रियंका जरूर अपना नाम आगे करेंगी। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा है कि उनके अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने का फैसला गांधी परिवार को ही लेना है। जब थरूर से ये सवाल किया गया कि क्या वो इस पद के लिए उपयुक्त हैं तो उन्होंने कहा कि प्रियंका में 'कुदरत का करिश्मा' है। उन्होंने ये भी दावा किया कि इसी के चलते कुछ लोग उनकी तुलना उनकी दादी इंदिरा गांधी से करते हैं। थरूर का मानना है कि अब प्रियंका जमीन पर भी काम कर चुकी हैं, इसलिए वे अध्यक्ष बनेंगी तो पार्टी और कार्यकर्ता उनके पीछे चल पड़ेंगे। उनके मुताबिक वह निश्चित रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं में नयी जान डालेंगी और साथ ही मतदाताओं को भी पार्टी की ओर खीचेंगी। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के भीतर से ऐसे कई संकेत सामने आ रहे हैं, जिससे ये बात सामने आ रही है कि पार्टी को किसी बड़े बवंडर से बचाने के लिए राहुल की जगह प्रियंका को ही कमान सौंपी जा सकती है।

अमरिंदर की बात का समर्थन
थरूर ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की इस बात का भी समर्थन किया है कि इस समय कांग्रेस की कमान किसी युवा नेता को ही देना चाहिए। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा है, 'यह बिल्कुल सही बात है कि पार्टी के शीर्ष पद पर स्पष्टता की कमी संभवत: कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को नुकसान पहुंचा रही है, इनमें से ज्यादातर पार्टी नेता की कमी महसूस करते हैं, जो अहम फैसलों को देखे, कमान संभाले और यहां तक कि पार्टी में नई जान फूंके और उसे आगे ले जाए।' गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में अमरिंदर ने भी किसी युवा नेता को ही पार्टी की कमान सौंपने की वकालत की थी।

ब्रिटिश कंजर्वेटिव पार्टी की तर्ज पर चुनाव की सलाह
थरूर ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) मौजूदा स्थिति को बहुत गंभीरता से ले रही है और बिना किसी देरी के समाधान खोजने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'सीडब्ल्यूसी के लिए एक तरीका यह हो सकता है कि वह पार्टी के लिए एक अंतरिम कार्यकारी अध्यक्ष का नाम रखे और फिर आदर्श रूप से खुद को भंग कर दे, जिसके बाद सीडब्ल्यूसी सहित पार्टी के भीतर मुख्य नेतृत्व के पदों को नए सिरे से चुना जाए।' उन्होंने ये भी कहा, कि पार्टी के सदस्यों को एआईसीसी और पीसीसी से प्रतिनिधियों को बुलाना चाहिए और उनसे भी पार्टी का नेतृत्व करने वाले को लेकर विचार लेने चाहिए, जिससे पार्टी के भीतर ही एक विश्वसनीय जनादेश हासिल हो जाएगा। इसके लिए उन्हों ब्रिटिश कंजर्वेटिव पार्टी की तर्ज पर भी अध्यक्ष चुनने की सलाह दी है।












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