'ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी और आलोचनाएं बाद में हों', कांग्रेस के मतभेदों पर शशि थरूर की दो टूक
Shashi Tharoor delegation: कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर ने रविवार, 1 जून को कहा कि वह भारत में उनके खिलाफ हो रही आलोचनाओं पर ध्यान नहीं देना चाहते हैं। शशि थरूर को उनकी अपनी पार्टी की आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि डॉ. थरूर विदेशों में भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से अंतरराष्ट्रीय मंच पर रख रहे हैं। वे ऑपरेशन सिंदूर के तहत सरकार द्वारा भेजे गए ऑल पार्टी डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे हैं।

शशि थरूर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पनामा, गुयाना और कोलंबिया की यात्रा के बाद अब ब्राजील में पहुंच चुका है। वहां से ये टीम अगले सप्ताह संयुक्त राज्य अमेरिका का रुख करेगी।
"फिलहाल आलोचना का नहीं, मिशन का समय", Shashi Tharoor
ब्राजील में पत्रकारों से बातचीत करते हुए थरूर ने कहा, निस्संदेह, एक जीवंत लोकतंत्र में टिप्पणियां और आलोचनाएं होना सामान्य है, लेकिन इस समय हम अपने मिशन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत लौटने के बाद हम अपने सहयोगियों, आलोचकों और मीडिया से बात करने का पूरा अवसर पाएंगे, लेकिन अभी हम उन देशों पर ध्यान दे रहे हैं जहां हम भारत का संदेश पहुंचाने आए हैं।
दरअसल, थरूर की इस नियुक्ति को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष है। पार्टी ने कहा कि सरकार ने इस ऑल पार्टी डेलिगेशन के लिए जो नाम कांग्रेस ने सुझाए थे, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। भाजपा ने बिना पार्टी की सहमति के शशि थरूर को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंप दिया गया। यह असहमति तब और खुलकर सामने आई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस पूरे अभियान को ही लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर दिए।
All party delegation पर जयराम रमेश का विवादित बयान
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर एक विवादास्पद टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा कि, "हमारे सांसद घूम रहे हैं, और आतंकवादी भी घूम रहे हैं।"
इतना ही नहीं जयराम रमेश ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि. सरकार उन आतंकियों को पकड़ने में नाकाम रही है जो 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में शामिल थे। रमेश ने आरोप लगाया कि यही आतंकी पिछले 18 महीनों में पुंछ (दिसंबर 2023), गांदरबल (अक्टूबर 2024) सहित चार हमलों में शामिल रहे हैं।
भाजपा का जवाब, "पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं रमेश"
जयराम रमेश के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रमेश के बयान को "शर्मनाक, निंदनीय और बेतुका" करार दिया है। एएनआई से बात करते हुए कहा कि, "यह बयान संसद की गरिमा के खिलाफ है। संसद की विशेषाधिकार समिति को इसका संज्ञान लेकर रमेश पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि रमेश के बयान से पाकिस्तान को फायदा पहुंच सकता है, क्योंकि ऐसे बयान पाकिस्तान के डीजी-आईएसपीआर द्वारा भारत को बदनाम करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।
"पहले कांग्रेस ने अपने ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर को घेरा, और अब अपने सहयोगी सांसदों को भी। यह बयान वही भाषा है जो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस्तेमाल करता है।"
भारत लौटने पर सुलगेगा मुद्दा?
शशि थरूर के नेतृत्व में जो प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भारत का पक्ष रख रहा है, वह भारत लौटने के बाद विपक्षी आलोचनाओं और पार्टी के अंदर उठे विरोध के सवालों का सामना करेगा। थरूर ने स्पष्ट किया कि विदेश में भारत की छवि को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है, और देश लौटने के बाद वे सभी आलोचनाओं का जवाब देने को तैयार हैं।
एक ओर भारत सरकार वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति को स्थापित करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर देश के अंदर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी से यह प्रयास प्रभावित होता दिख रहा है। जहां थरूर का रवैया केंद्र सरकार पर मिशन-केंद्रित है, वहीं कांग्रेस के भीतर मतभेद और जयराम रमेश की तीखी टिप्पणी से एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।












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