भाजपा की सहयोगी जेडीयू के टिकट पर चुनाव पर लड़ चुके हैं शरजील इमाम के पिता, जानिए जीते थे या हारे
नई दिल्ली। देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच जेएनयू के छात्र शरजील इमाम ने असम को भारत से अलग करने वाला विवादित बयान दिया था, जिसके बाद इमाम के खिलाफ पांच राज्यों में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, कई दिनों से तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने शरजील को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार कर लिया। इस बीच, शरजील के बारे में एक बड़ी जानकारी सामने आई है, कि उनके दिवंगत पिता अकबर इमाम जेडीयू के नेता रह चुके हैं।

शरजील इमाम को जहानाबाद से किया गया गिरफ्तार
स्थानीय पुलिस की मदद से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जहानाबाद के काको से शरजील को गिरफ्तार किया। वहीं, शरजील के परिवार का जेडीयू कनेक्शन सामने आने के बाद इसपर सियासत और तेज हो सकती है। साल 2005 के विधानसभा चुनाव में शरजील के पिता अकबर इमाम बिहार की जहानाबाद विधानसभा सीट से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़े थे। हालांकि, वे चुनाव हार गए थे और राजद के उम्मीदवार सच्चिदानंद यादव को जीत मिली थी।

जेडीयू से उम्मीदवार रहे थे अकबर इमाम
तब राजद उम्मीदवार सच्चिदानंद यादव को 28696 वोट मिले थे, जबकि जेडीयू उम्मीदवार अकबर इमाम को 24215 वोट मिले थे। इस चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई थी। अब शरजील के परिवार के इस कनेक्शन के सामने आने के बाद बिहार में राजनीति गरमा सकती है। शरजील के पिता का कुछ साल पहले लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। शरजील की गिरफ्तारी के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया भी आई है। नीतीश कुमार ने कहा कि किसी को भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जो देशहित में ना हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा।

शरजील के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज
शरजील का छोटा भाई जहानाबाद से पूर्व सांसद अरुण कुमार के साथ रहता है। शरजील के खिलाफ असम और उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियों ने शरजील इमाम के बिहार के जहानाबाद के काको स्थित पैतृक आवास पर भी छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था, जिनको चार घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। वहीं, शरजील की मां का कहना है कि इमाम को उसके उस बयान के लिए तंग किया जा रहा है, जिसे मीडिया ने तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

जेएनयू से पीएचडी की पढ़ाई कर रहा है शरजील
जेएनयू से पीएचडी की पढ़ाई कर रहा शरजील इमाम यूरोप में मोटी पगार की नौकरी छोड़ कर भारत लौटा है। इसके बाद शरजील ने जेएनयू में पीएचडी में दाखिला लिया और उसके बाद इस्लामिक इलमों की ओर मुड़ता चला गया और पांच वक्त का नमाजी भी बन गया। जानकारी के मुताबिक, आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में एमटेक की डिग्री हासिल करने के बाद शरजील भारत से यूरोप चला गया था। वहां मोटी पगार पर वह वर्षों तक नौकरी करता रहा। फिर नौकरी छोड़कर वह वापस भारत लौट आया। यहां उसने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी करने के लिए दाखिला ले लिया।











Click it and Unblock the Notifications