अयोध्या में भूमि पूजन को लेकर बोले शरद पवार- 'मैं मंदिर के खिलाफ नहीं लेकिन.............'
नई दिल्ली- एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हो रहे भूमि पूजन के मसले पर अपने गठबंधन के सहयोगी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नजरिए का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए इस वक्त अयोध्या में भूमि पूजन या आधारशिला समारोह में ज्यादा भीड़ जुटना सही नहीं है। उन्होंने कहा है कि वो भूमि पूजन कार्यक्रम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता कोरोना वायरस है, इसलिए वो कहीं नहीं जा रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले शिवसेना प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ई-भूमि पूजन का सुझाव दिया था, जिसे अयोध्या के धार्मिक जानकारों ने शास्त्रों के विपरीत बताया है।

मेरी प्राथमिकता कोरोना वायरस है- पवार
सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत करते हुए शरद पवार ने कहा है कि भूमि पूजन समारोह बहुत कम लोगों की उपस्थिति में संपन्न कराया जा सकता है। क्योंकि, कोरोना वायरस के समय में ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने से वायरस के फैलने का डर है। उन्होंने अपने पहले के एक बयान के बारे में बताया कि 'मुझसे एक सवाल पूछा गया था कि आप उसमें (भूमि पूजन में) शामिल होने जा रहे हैं, तब मैंने कहा कि, 'आई एम सॉरी, मैं वहां नहीं जा रहा।' मैं समारोह के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मेरी पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस है और इसीलिए मैं यहां पर ध्यान दे रहा हूं......मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। '
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हम मंदिर के खिलाफ नहीं हैं- पवार
पवार यह भी बोले कि 'सुप्रीम कोर्ट पहले ही एक स्पष्ट फैसला दे चुका है। मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि हम मंदिर के खिलाफ नहीं हैं। वहां बहुत कम लोग जाएं और वो पूजा कर सकते हैं, जबकि बाकि लोगों को कोरोना वायरस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ' एनसीपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी सुना है उसके हिसाब से ठाकरे ने भी इन्हीं कारणों से सुझाव दिया है। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री बहुत ज्यादा लोगों के जुटाने की आइडिया से बहुत खुश नहीं थे, क्योंकि ज्यादा भीड़भाड़ में कोरोना वायरस फैल सकता है, इसलिए उन्होंने वैसा सुझाव दिया था।'

ठाकरे ने दिया है ई-भूमि पूजन का सुझाव
गौरतलब है कि सीएम ठाकरे ने रविवार को कहा था कि वहां बिना गए ई-भूमि पूजन कराया जा सकता है। अपनी ही पार्टी के मुखपत्र 'सामना' को दिए इंटरव्यू में ठाकरे ने कहा था, 'ई-भूमि पूजन करवाई जा सकती है। वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए आधरशिला समारोह हो सकता है। यह उत्साह का कार्यक्रम है और इस समारोह में लाखों लोगों के पहुंचने की इच्छा होगी। क्या कोरोना वायरस को फैलने की इजाजत दी जाएगी?' गौरतलब है कि इससे पहले सामना के संपादक संजय राउत निमंत्रण मिलने से पहले से ही दावे कर रहे थे कि उद्धव भी भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। बता दें कि अयोध्या में शास्त्रों के जानकारों ने ई-भूमि पूजन की सलाह को शास्त्र-विरुद्ध माना है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पूरी होने की संभावना है। पीएम मोदी के अलावा वहां पर तकरीबन 200 चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किए जाने की चर्चा है।












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