शनि शिंगणापुर विवाद: अब पुरुष भी नहीं कर पाएंगे चबूतरे पर चढ़कर पूजा
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। शनि शिंगणापुर में लिंगभेद को लेकर चल रहे भयंकर विवाद को लेकर श्रीश्री रवि शंकर के साथ शिंगणापुर ट्रस्ट और भूमाता ब्रिगेड की मुलाकात का नतीजा भी कुछ खास नहीं निकला है। इस बैठक में सिर्फ यह सहमति बनी है कि अब चबूतरे पर चढ़कर पूजा-अर्चना सिर्फ पुजारी ही करेंगे।

सीधे शब्दों में कहें तो मंदिर के 20 फुट के चबूतरे यानी गर्भ में पुजारी के अलावा पुरुषों और महिलाओं के चढ़ने पर पाबंदी होगी। बैठक समाप्ती के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि 'सहमति बनी है कि अब पुरुष और महिला दोनों ही चबूतरे पर नहीं चढ़ेंगे। सिर्फ पुजारी ही पवित्र चबूतरे पर चढ़कर पूजा-अर्चना करेंगे। यहां तक कि अब शिला पर तेल मशीन के द्वारा चढ़ाया जाएगा।'
हालांकि, 11 हजार रुपये देकर चबूतरे पर चढ़ने की व्यवस्था को खत्म नहीं किया गया है। ब्रिगेड की नेता तृप्ति देसाई ने कहा कि बैठक नाकाम रही है, क्योंकि हमारी मांग महिलाओं को चबूतरे पर चढ़कर पूजा करने की इजाजत को लेकर थी। जबकि बातचीत के बाद यह कहा गया कि अब सभी बाहर से दर्शन करेंगे।












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