Afghanistan Row: अफगानिस्तान में भारतीय नागरिक सुरक्षित लेकिन भारतीय राजदूत तुरंत लौटेंगे देश
नई दिल्ली, 17 अगस्त। अफगानिस्तान पर अब तालिबान का कब्जा होने के बाद से पूरे देश में दहशत का माहौल है। राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ चुके हैं और बाकी नेता अपनी जान बचाने के लिए दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं। तालिबान ने हालांकि युद्ध खत्म करने का ऐलान कर दिया है, लेकिन अभी भी काबुल से लूटपाट और हिंसा की खबरें आ रही हैं, इसी वजह से वहां रह रहे नागरिकों के अंंदर बहुत ज्यादा खौफ है। तो वहीं इसी बीच ANI के सूत्रों के हवाले से बताया है कि अफगान में रहने वाले कई भारतीय अब इंडिया वापस आना चाहते हैं।
Recommended Video

फिलहाल सभी भारतीय सुरक्षित स्थानों पर हैं और उन्हें एक या दो दिन में सुरक्षित भारत वापस लाया जाएगा। कहा जा रहा है कि इसके लिए विशेष विमान काबुल भेजा जा सकता है। तो वहीं इसी बीच अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत और उनके स्टाफ को तुरंत भारत लाने का फैसला किया गया है, इस बारे में जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बाघची ने मीडिया को दी।

AI के दो विमानों को स्टैंडबाय पर रखने का आदेश
आपको बता दें कि भारत भी अपने कर्मचारियों और लोगों को जल्द से जल्द अफगानिस्तान से निकालने की तैयारी में जुटा है। इसलिए भारत सरकार ने एयरइंडिया को काबुल से आपातकालीन निकासी के लिए दो विमानों को स्टैंडबाय पर रखने का आदेश दिया था। जिसके बाद एयर इंडिया की दिल्ली से काबुल जाने वाली फ्लाइट का टाइम बदला गया था। अब ये रात 8:30 बजे की बजाय 12:30 बजे उड़ान भरने वाली है।
इंडियन एयरफोर्स का भी विमान काबुल पहुंचा
तो वहीं इंडियन एयरफोर्स का भी विमान काबुल पहुंच चुका है। कल वायु सेना का एक C-17 विमान लोगों और उपकरणों के साथ काबुल से भारत लौटा भी है। मालूम हो कि काबुल में 1000 से ज्यादा भारतीय अधिकारी और सुरक्षा कर्मचारी फंसे हुए हैं, जिन्हें इंडिया वापस लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि रविवार को काबुल से भी एयर इंडिया की फ्लाइट 129 लोगों को लेकर दिल्ली पहुंची थी।
अफगानिस्तान के हालात भारत के लिए चिंता का विषय
अफगान में तालिबान के कब्जे के बाद बनी स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तालिबान से शांति बनाए रखने की अपील की है तो वहीं भारत के राजदूत टीएस त्रिमूर्ति ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि 'इस वक्त वहां पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी डर के साए में हैं, सभी आने वाले भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं, ये इंडिया के लिए एक चिंता का विषय है।'
हालांकि अफगानिस्तान में शरिया कानून लागू करने के ऐलान के बीच तालिबान के प्रवक्ता जैबिहुल्ला मुजाहिद ने इंडिया से अच्छे रिलेशन की बात कही थी। उन्होंने कहा कि डरने की आवश्यकता किसी को नहीं है। भारत के राजनयिक अफगानिस्तान यहां पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे।
Several Indians in Afghanistan wanting to be repatriated to India are in a secure area and will be brought back home safely in a day or two: Sources pic.twitter.com/nczDr3kmXq
— ANI (@ANI) August 17, 2021












Click it and Unblock the Notifications