सीरम इंस्टीट्यूट बनाएगा रूस की स्पूतनिक वी वैक्सीन, कंपनी ने DCGI से मांगी इजाजत
नई दिल्ली, जून 03: भारत में दो स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के बाद रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी एंट्री हो चुकी है। ऐसे में कोरोना की कोविशील्ड नाम की वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अब रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी का भी प्रोडक्शन कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) रूसी वैक्सीन बनाने की इजाजत मांगी है।

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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से कोविड-19 वैक्सीन स्पूतनिक वी के निर्माण के लिए परीक्षण लाइसेंस की अनुमति मांगी है। अगर यह अनुमति मिल जाती है तो फिर भारत में दो कंपनियां रूसी वैक्सीन का निर्माण कर पाएंगी, क्योंकि अभी तक स्पूतनिक वी का निर्माण डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज की ओर से ही किया जा रहा है।
वहीं वैक्सीनेशन को मिली जानकारी के मुताबिक स्पूतनिक वी जून के दूसरे हफ्ते से देश भर में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाएगी। जून के दूसरे सप्ताह से रूसी वैक्सीन का टीकाकरण अपोलो अस्पताल की तरफ से शुरू होगा, जिसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन की ओर से दी गई। बता दें कि स्पूतनिक वी देश में लोगों को मई के पहले हफ्ते से लगाई जा रही है। लेकिन वैक्सीन की उपलब्धता पर्याप्त नहीं होने से चलते सीमित इस्तेमाल किया जा रहा है।
मालूम हो कि डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज का रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के साथ भारत में स्पूतनिक वी टीके की 12.5 करोड़ खुराक बेचने को लेकर समझौता किया गया है, वहीं अब डॉ रेड्डी प्रयोगशाला के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) रूसी वैक्सीन बनाने की इजाजत मांगी है।












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