कांग्रेस नेता ने तेलंगाना में हार का ठीकरा टीडीपी के साथ गठबंधन पर फोड़ा
नई दिल्ली। तेलंगाना में जिस तरह से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था उसके बाद आखिरकार पार्टी के भीतर से आवाज उठने लगी है। प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कोमतीरेड्डी वेंकट रेड्डी ने कांग्रेस की प्रदेश में हार की वजह टीडीपी के साथ गठबंधन को बताया है। उन्होंने कहा कि पीडीपी के साथ गठबंधन कांग्रेस की प्रदेश में हार का मुख्य कारण है। रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस को आगामी लोकसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए।

अकेले लड़ना चाहिए था चुनाव
रेड्डी ने कहा कि अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती है तो पार्टी के लोकसभा में अधिक सीट जीतने की संभावना है। तेलंगाना में अकेले चुनाव लड़ने पर कांग्रेस कम से कम आठ लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। मैंने पहले भी टीडीपी के साथ गठबंधन का विरोध किया था। अब भी मैंने साफ कर दिया है कि कांग्रेस को अकेले ही प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए और किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए। रेड्डी ने यह बयान शनिवार को एआईसीसी की बैठक के बाद दिया है।

50 सीटों पर मिलती जीत
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के बारे में रेड्डी ने कहा कि अगर कांग्रेस ने अकेले प्रदेश में चुनाव लड़ा होता तो पार्टी को तकरीबन 50 सीटों पर जीत हासिल होती। लोगों को इस बात की आशंका थी कि अगर कांग्रेस टीआरएस और टीडीपी के साथ गठबंधन करके चुनाव जीतत तो कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार में चंद्रशेखर राव या चंद्रबाबू नायडू अपनी शर्तों को मनवाने के लिए कांग्रेस पर दबाव डालते। टीआरएस ने लोगों के भीतर यही भय पैदा किया कि नायडू कांग्रेस के साथ चुनाव जीतने के बाद दबाव डालते।

अन्य नेताओं ने भी किया विरोध
शनिवार को हुई बैठक में कई कांग्रेस नेता जो चुनाव हारे थे उन्होंने भी कहा कि टीडीपी के साथ गठबंधन करने की वजह से ही पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। इन तमाम नेताओं ने पार्टी के शीर्ष नेताओं से कहा कि लोकसभा चुनाव में टीडीपी के साथ गठबंधन पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।
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