अखिलेश के साथ गठबंधन के बीच तीसरा मोर्चा बनाने में जुटी मायावती, ये दल आ सकते हैं साथ
नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में बसपा और सपा के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा अंतिम दौर में है, माना जा रहा है कि सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बीच बात बन चुकी है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मायावती इस महीने के अंत में या फिर नए वर्ष की शुरुआत में सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे सकती हैं। उन्होंने बताया कि कुछ सीटों को छोड़कर बाकी की सीटों पर तकरीबन बात बन चुकी है। एक बार गठबंधन का ऐलान होने के बाद बाकी की सीटों पर जो पेंच बचेगा उसे भी सुलझा लिया जाएगा।

मायावती पीएम उम्मीदवार
बसपा नेता ने कहा कि बसपा सुप्रीमो तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिश में है जिसमे भाजपा और कांग्रेस हिस्सा ना हो। बसपा नेता ने दावा किया है कि सपा के अलावा आईएनएलडी और जनता छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मायावती को प्रधानमंत्री के तौर पर आगे बढ़ाने की सहमति दी है। माना जा रहा है कि सीटों के बंटवारे के अलावा मायावती पार्टी के भीतर भी बदलाव की तैयारी कर रही है और जो नेता और पदाधिकारी अपेक्षा के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं उनकी छुट्टी की जाएगी।

अहम बैठक
आने वाले दिनों में प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर होने वाली तैयारियों से जुड़ी बैठक में मायावती आगे की रणनीति तय करेंगी। इस दौरान वह सीटों के बंटवारे सहित तमाम मुद्दों पर पार्टी के पदाधिकारियों को जानकारी देंगी। पार्टी के एक अन्य नेता का कहना है कि मायावती, अखिलेश यादव, जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी देवेगौड़ा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, आईएनएलडी के नेता अभय सिंह चौटाला, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन भी तीसरे मोर्चे का हिस्सा हो सकते हैं। माना जा रहा है कि आज केसीआर बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले मायावती ने एनसीपी नेता शरद पवार से मुलाकात की थी।

ममता, पटनायक को जोड़ने की कोशिश
बसपा नेता ने बताया कि इस बात को लेकर भी कोशिश की जा रही है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस मोर्चे से जोड़ा जा सके, साथ ही ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को मनाने की भी कोशिश चल रही है। ऐसे में पार्टी लगातार इस बात की कोशिश कर रही है कि भाजपा और कांग्रेस से इतर तीसरे मोर्चे को मजबूत किया जाए, जिससे कि देश की जनता को एक बेहतर विकल्प दिया जा सके।
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