सीलिंग के विरोध में दिल्ली के व्यापारियों की हड़ताल का दूसरा दिन
नई दिल्ली। सीलिंग के विरोध में नई दिल्ली में एक साथ लाखों व्यापारियों ने दो दिन के बंद का ऐलान किया था, जिसके बाद इस पूरे विवाद को खत्म करने के लिए दिल्ली के एलजी अनिल बैजल ने डीडीए के साथ बैठक की थी। आज हुई इस बैठक में सीलिंग के विरोध में बंद को खत्म करने के लिए तीन बड़े फैसले लिए गए हैं, ऐसे में देखने वाली बात यह है कि केंद्र की इस पहल के बाद क्या आज भी दिल्ली के व्यापारी अपनी हड़ताल पर कायम रहेंगे या फिर वह अपनी हड़ताल को वापस ले लेंगे।

ये तीन प्रस्ताव स्वीकार
एलजी के संग हुई बैठक में तीन प्रस्ताव पास किए गए जिसमे एफएआर को बढ़ाकर 350 करने का फैसला लिया गया है, कनवर्जन चार्ज को 10 गुना से कम करके दो गुना कर दिया गया है और 12 मीटर की सड़कों पर कृषि गोदाम को रेगुलराइज किया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि व्यापारियों को इस फैसले से काफी राहत मिल सकती है और वह अपनी हड़ताल को वापस ले सकते हैं।
7 लाख व्यापारी हड़ताल पर
सीलिंग के खिलाफ बंद के दौरान दावा किया गया है कि इसमे 7 लाख व्यापारियों ने हिस्सा लिया है, जिसे ना सिर्फ आम आदमी पार्टी बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है। हड़ताल के पहले लदिन कनॉट प्लेस, कमला नगर, खान मार्केट, गांधी नगर, डिफेंस कॉलोनी, चांदनी चौक, तिलक नगर, राजेंद्र नगर, लाजपत नगर, साउथ एक्स, राजौरी गार्डेन, ग्रेटर कैलाश में दुकानें बंद थी।
आप-भाजपा आमने-सामने
इससे पहले इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई थी। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सीलिंग को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम केजरीवाल के घर पहुंचा, इस प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली के भाजपा सांसद, तीनों मेयर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी शामिल थे। हालांकि सीलिंग का कोई समाधान तो नहीं निकला, लेकिन आप और भाजपा के नेता आपस में ही उलझ गए। इसके बाद भाजपा के नेताओं ने घर से बाहर आकर मुख्यमंत्री केजरीवाल पर उनका अपमान करने और सीलिंग को लेकर गंभीर ना होने का आरोप लगाया।












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