• search

भारत बंद: एससी/एसटी एक्ट को लेकर क्या हैं सवर्णों की मांगें

By Rizwan
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। एससी एसटी एक्ट में हुए संसोधन के खिलाफ आज (गुरुवार) को 30 से ज्यादा संगठनों ने बंद का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में इसका असर भी है। कोर्ट के फैसले में बदलाव के विरोध के साथ-साथ मध्य प्रदेश में कई संगठनों के लोग ये भी ऐलान कर चुके हैं कि वो आने वाले चुनाव में किसी भी दल को वोट नहीं देंगे और ना ही वो किसी पार्टी के नेता को इलाके में आने देंगे। ऐसा उन्होंने एससी एसटी एक्ट के संसोधन के विरोध में किया है। इतना ही नहीं कुछ भाजपा नेताओं ने भी खुलकर इस एक्ट के दुरुपयोग की बात कही है।

    -supreme-court-decision
     

    21 मार्च, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लोगों पर होने वाले अत्याचार और उनके साथ होनेवाले भेदभाव को रोकने के मकसद से बने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा था कि ऐसे मामलों में गिरफ्तारी सिर्फ सक्षम अथॉरिटी की इजाजत के बाद ही हो सकेगी।

    बिहार के जहानाबाद में पुलिस की गाड़ी पर पथराव, एसपी घायल

    केंद्र सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में SC/ST एक्ट संशोधन विधेयक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट जाएगा। इसको लेकर कई संगठन सड़क पर हैं और केंद्र के इस कदम का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं पलटा जाना चाहिए।

    विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों के लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदला ना जाए। यानी इस तरह के मामले में पहले जांच हो उसके बाद गिरफ्तारी हो और केस झूठा पाए जाने पर केस करने वाले के ऊपर जुर्माना भी लगाया जाए।

    SC-ST एक्ट का विरोध: मध्य प्रदेश में सवर्णों का ऐलान, किसी भी दल को नहीं देंगे वोट

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    sc st act why upper cast people protesting demand change in act

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more