सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा, आखिर कुछ लोगों के पास लाखों के नए नोट कहां से आ रहे हैं

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर सरकार बैंकों में नए नोट भेजने को लेकर क्या नीति अपना रही है?

नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आखिर कुछ लोगों के पास लोगों के नए नोट कहां से आ रहे हैं?

supreme court

नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा सवाल

मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को लेकर हंगामे का दौर जारी है। संसद में विपक्ष ने नोटबंदी को लेकर सरकार को घेरा है। वहीं आम आदमी कैश के लिए एटीएम और बैंक में लाइन लगाने को मजबूर हैं।

नोटबंदी के फैसले के 37 दिन बाद भी एटीएम में लोगों की लाइनें लगातार लगी हुई हैं। उन्हें नई करेंसी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इस बीच लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें कुछ लोगों के पास से लाखों की नई करेंसी बरामद हो रही हैं।

इस हालात के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी नोटबंदी मामले को लेकर सुनवाई हुई। जहां कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आखिर कुछ लोगों के पास लाखों रुपये के नए नोट कहां से आ रहे हैं?

सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर अटॉर्नी जनरल ने रखा सरकार का पक्ष

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा कि जब आम लोग हफ्ते में 24 हजार रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं तो कुछ लोगों के पास लाखों की नई करेंसी कहां से आ रही है?

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर सरकार बैंकों में नए नोट भेजने को लेकर क्या नीति अपना रही है?

सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बताया कि कुछ बैंक मैनेजरों की मिलीभगत की वजह से ऐसा हो रहा है। फिलहाल सरकार दोषियों पर कार्रवाई कर रही है।

बता दें कि नोटबंदी के बाद से लगातार आम लोग परेशान हैं। सरकार की ओर से लगातार लोगों को नए नोट मुहैया कराने की कवायद की जा रही है।

अटॉर्नी जनरल ने भी कोर्ट में बताया कि सरकार लगातार लोगों को कैश मुहैया कराने की कवायद में जुटी हुई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+