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eShram Portal पर प्रवासी श्रमिकों के सत्यापन में देरी पर SC सख्त, कहा- राज्य 1 महीने में पूरा करें वेरिफिकेशन

ई-श्रम पोर्टल (eShram Portal) पर प्रवासी श्रमिकों के सत्यापन में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को फटकार लगाई है। सर्वोच्च अदालत की जारी ताजा निर्देश में राशन कार्ड जारी करने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों के सत्यापन की अवधि निर्धारित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने श्रमिकों के सत्यापन में देरी करने वाले राज्यों चार सप्ताह के अंदर वेरिफिकेशन का काम पूरा करने को कहा है।

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र को एक निर्देश दिया। जिसमें अदालत ने केंद्र को उन राज्यों के लिए खाद्यान्न जारी करने का भी निर्देश दिया जिन्होंने प्रवासी मजदूरों का सत्यापन पूरा कर लिया है। इसके अलावा कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने राशन कार्ड जारी करने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत प्रवासी मजदूरों के सत्यापन में देरी के लिए आज डिफॉल्टर राज्यों को फटकार लगाई और उन्हें चार सप्ताह के भीतर यह काम पूरा करने को कहा है।

Supreme Court

ई श्रम पोर्टल पर श्रमिकों के सत्यापन में देरी करने वाले राज्यों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने अपनी टिप्पणी में राज्यों की लापरवाही को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने कहा कि यदि राज्य निर्धारित समय के भीतर सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने में विफल रहते हैं तो वह संबंधित सचिवों को तलब करेगी।

कोर्ट में याचिका अंजलि भारद्वाज, हर्ष मंदर और जगदीप छोक्कर द्वारा दायर की गई थी। जिसमें याचिकार्ताओं ने एनएफएसए के तहत राशन के कोटे की परवाह किए बिना प्रवासी मजदूरों को राशन देने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने जोर देते हुए कहा कि राज्यों के अधिकारी अदालत के 20 अप्रैल, 2023 के निर्देशों का पालन करने में विफल रहे हैं, जिसके द्वारा उन्हें मजदूरों को राशन कार्ड प्रदान करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि निर्देश संकलित होने से पहले सभी राशन कार्ड धारकों के ईकेवाईसी को अद्यतन करने की आवश्यकता जैसी बाधाएं डालकर अनावश्यक देरी की जा रही थी।

अदालत की ओर जारी ताजा निर्देश में राज्यों से कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत निर्धारित कोटा के बावजूद राशन कार्ड जारी किए जाने चाहिए।

याचिका पर अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 27 अगस्त की तारीख तय की है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने कहा कि बिहार और तेलंगाना एकमात्र राज्य हैं जिन्होंने प्रवासी मजदूरों का 100 प्रतिशत सत्यापन पूरा कर लिया है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कुछ राज्यों ने सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि अन्य ने अभी तक प्रक्रिया शुरू भी नहीं की है। भूषण ने कहा, "एक और मुद्दा यह भी है कि अगर राशन कार्ड जारी किया जाता है, तो ये राज्य इन श्रमिकों को राशन जारी नहीं कर रहे हैं और उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने उन्हें इन लोगों के लिए अतिरिक्त राशन आवंटित नहीं किया है।"

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