जस्टिस एमआर शाह को सीने में तकलीफ के बाद दिल्ली लाने की तैयारी, SC के जज बोले- चिंता की कोई बात नहीं

नई दिल्ली, 16 जून: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एमआर शाह को सीने में तकलीफ की शिकायत के बाद दिल्ली लाए जाने की तैयारी है। वह हिमाचल प्रदेश में हैं और वहीं पर उन्होंने दिल में परेशानी की शिकायत की है। हालांकि, खुद जस्टिस शाह ने कहा है कि वे स्टेबल हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। जस्टिस शाह के निजी सचिव ने कहा है कि उन्हें एयर लिफ्ट करके दिल्ली लाने की तैयारी चल रही है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने उन्हें दिल का दौरा पड़ने की जानकारी दी थी।

Supreme Court Judge Justice MR Shah is reported to have suffered a heart attack. He is being brought to Delhi for treatment from Himachal Pradesh through air ambulance

जस्टिस शाह बोले- चिंता की कोई बात नहीं है
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एमआर शाह के निजी सचिव ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा है कि जस्टिस शाह को हिमाचल प्रदेश में दिल में तकलीफ हुई है। निजी सचिव ने कहा है कि जज को एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाए जाने की तैयारी की जा रही है, जहां उनका आगे का इलाज किया जा सके। इस बीच जस्टिस शाह के दफ्तर के सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि उन्होंने अपने बारे में कहा है कि 'मैं स्टेबल हूं। चिंता की कोई बात नहीं है। मैं जल्दी दिल्ली पहुंच रहा हूं। परसों तक मैं ठीक हो जाऊंगा। '

जस्टिस एमआर शाह को दिल का दौरा पड़ा-गौरव भाटिया
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ट्वीट कर जस्टिस एमआर शाह को दिल्ली का दौरा पड़ने की जानकारी देते हुए बताया कि, 'भारत के सर्वोच्च न्यायालय के जज माननीय जस्टिस एमआर शाह को तब दिल का दौरा पड़ा, जब वे हिमाचल प्रदेश में थे। उन्हें दिल्ली लाए जाने का इंतजाम किया जा रहा है। ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'

2 नवंबर, 2018 से सुप्रीम कोर्ट के जज हैं
जस्टिस एमआर शाह 2 नवंबर, 2018 से भारत के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश की भूमिका निभा रहे हैं। न्यायपालिका में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 19 जुलाई, 1982 को वकील के रूप में की थी। गुजरात हाई कोर्ट में रहते हुए उन्होंने क्रिमिनल, सिविल, संवैधानिक, टैक्स, लेबर, सर्विस और कंपनी मामलों से जुड़े मुकदमों में भी प्रैक्टिस की है।

15 मई, 2023 तक है कार्यकाल
जज के तौर पर उनका करियर 7 मार्च, 2004 से शुरू हुआ जब, उनकी नियुक्ति गुजरात हाई कोर्ट में एडिशनल जज के तौर पर हुई। एक साल से कुछ ज्यादा समय बाद यानी 22 जून, 2005 को वे पर्मानेंट जस्टिस के तौर पर नियुक्त किए गए। वे पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके हैं, जहां उनकी 12 अगस्त, 2018 को नियुक्ति की गई थी। जस्टिस शाह का कार्यकाल 15 मई, 2023 को समाप्त हो रहा है।

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